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देशभर में खिला कमल, गुजरात में भाजपा का क्लीन स्वीप, सभी 8 सीटों पर जीत दर्ज, कर्नाटक की भी दोनों सीटें जीती

देशभर में खिला कमल, गुजरात में भाजपा का क्लीन स्वीप, सभी 8 सीटों पर जीत दर्ज, कर्नाटक की भी दोनों सीटें जीती

नईदिल्ली. 11 राज्यों की 58 विधानसभा सीटों और बिहार के एक लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव के बाद वोटों की गिनती जारी है. मध्य प्रदेश की 28, गुजरात की आठ, उत्तर प्रदेश की सात, मणिपुर की चार, कर्नाटक, ओडिशा, झारखंड और नागालैंड की दो-दो सीटें तथा छत्तीसगढ़, तेलंगाना और हरियाणा की एक-एक सीट पर उपचुनाव हुए हैं. इसके साथ ही बिहार की एक लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव हुए हैं. यह उपचुनाव मध्य प्रदेश की राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है. सबसे ज्यादा 28 सीटों पर यहीं उपचुनाव हुए हैं. इन सीटों पर 12 मंत्रियों सहित कुल 355 उम्मीदवारों की किस्मत दाव पर रही.

गुजरात विधानसभा उपचुनाव में सभी 8 सीटों पर बीजेपी ने बाजी मारी है. अबदासा, डांग, धारी, गधडा, कपरदा, करजन, लिमबडी और मोरबी विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने क्लीन स्वीप किया है.

झारखण्ड की दोनों सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की.

कर्नाटक की दोनों सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की

मणिपुर की तीन सीटें भाजपा ने जीत ली है.

मणिपुर की सिंघाट सीट पर भाजपा का कब्जा

उत्तर प्रदेश में 403 सदस्यों वाली विधानसभा की सात रिक्त सीटों पर उपचुनाव का परिणाम का करीब हफ्ते भर से इंतजार कर रहे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के सामने है। अमरोहा की नौगावां सादात, बुलंदशहर, उन्नाव की बांगरमऊ, कानपुर की घाटमपुर, फिरोजाबाद की टूंडला, देवरिया और जौनपुर की मल्हनी सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की है। जौनपुर की मल्हनी विधानसभा सीट सपा के खाते में गई है।


मध्य प्रदेश में 2018 के विधानसभा चुनाव में जनता ने भाजपा के खिलाफ जनादेश दिया था, लेकिन करीब दो साल बाद 2020 में हुए 28 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में मतदाताओं ने एक बार फिर भाजपा सरकार के सात महीने के कामकाज पर भरोसा जताया है। अब मध्य प्रदेश में भाजपा की स्पष्ट बहुमत की सरकार बन गई है। मतदाताओं ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार पर मुहर लगाते हुए मंगलवार को 28 में से करीब 19 सीटें भाजपा की झोली में डाल दीं। सभी सीटें जीतने का दावा करने वाली कांग्रेस ग्वालियर-चंबल की कुछ सीटों पर ही बेहतर प्रदर्शन कर पाई। कांग्रेस आठ सीटें जीतकर सिमट गई।