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बड़ीखबर : नेवई गोली कांड का मुख्य आरोपी बिहार से गिरफ्तार

बड़ीखबर :  नेवई गोली कांड का मुख्य आरोपी बिहार से गिरफ्तार

रायपुर । नेवई क्षेत्र में गोलीकांड का मुख्य आरोपी को पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार कर लिया है।नेवई क्षेत्र में गोलीकांड का मुख्य आरोपी को पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार कर लिया है।
गोलीकांड मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए आज बताया कि नेवई थाना क्षेत्र के टंकी मरौदा बस्ती में 05 जुलाई को रात्रि 12.30 बजे बृजेश राय उर्फ पिंकी राय पर अज्ञात तीन आरोपियों ने फारिंग कर दिया था। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 307 भादवि 25,27 आम्र्सएक्स कायम कर किया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल तत्काल घटना स्थल पर पहुंचकर महानिरीक्षक दुर्ग रेंज विवेकानंद सिन्हा को घटना से अवगत कराते हुये अग्रिम कार्रवाही के लिए आवश्यक दिशा निर्देश देने पर तत्काल शहर में नाकाबंदी कर कार्रवाही के निर्देश दिया गया तथा एक विशेष टीम गठित सीएसपी भिलाई नगर के नेतृत्व में 04 निरीक्षक 25 अधिकारी कर्मचारी को आरोपियों के पतासाजी के लिए शामिल किया गया। घटना में प्रयुक्त कार एवं आरोपियों की पतासाजी के लिए 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरा फुटेज प्राप्त कर विश्लेषण किया गया। घटना में प्रयुक्त लाल रंग की 800 कार के बारे में पता लगाने तथा 800 कार मालिकों की जानकारी निकाली गई। आरोपियों को पकडऩे के लिए टोल नाके,आईटीएम कैमरे तथा मैकेनिक की जानकारी ,पार्टस ङ्क्षवक्रेताओं की जानकारी इक्टठी की गई। जिले में तमाम निगरानी बदमाशो व सजायाबता अपराधियों की लिस्टिंग कर उन्हें थाना बुलाकर कड़ाई से पुछताछ किया गया। शहर में अवैध देशी पिस्टल के मामले में पूर्व आरोपियों एवं उनके सहयोगियों की जानकारी लिया गया एवं पुछताछ कर उनके खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाही भी उनके खिलाफ की किया गया। जिसके बाद तीन अज्ञात आरोपियों की पहचान नेवई क्षेत्र के बदमाश मुकुल सोना उर्फ सोनू तथा उसके दो सहयोगी मुकेश सिंह उर्फ पंचर निवासी इलाहाबाद,नागेन्द्र कुमार निवासी नालंदा बिहार के रुप में हुई। पहचान उपरांत इनकी गिरफ्तारी के लिए उनके ठिकानों पर दबिश दी गई। घटना के बाद आरोपी अपने ठिकानों से फरार हो चुके थे।आरोपी पूर्व में अपहरण के मामले में चालान हो चुके थे। इसलिए उनके साथी दरानों की पहचान कर पुछताछ की जा रही थी। पुलिस अभी मामले में अभी  जांच कर रही थी तभी 10 जुलाई को नेवई थाना क्षेत्र के रिसाली इलाके में रात 7 बजे के करीब पुन:आरोपी तीन हवाई फायर कर पुलिस को चुनौती देकर फरार हो गए। आरोपियों द्वारा की गई फायरिंग के बाद दुर्ग पुलिस द्वारा आरोपियों के छीपने के हर संभावित ठिकानों पर टिटलागढ़ उडि़सा,केशकाल,धमतरी कुरुद, नागपुर,नंदनी अहिवारा,रायपुर,सहित दुर्ग भिलाई करीब 40 ठिकानों पर दबिश दी गई। इस दौरान आरोपियों द्वारा सोशल मीडिया,इंस्टा ग्राम,फेसबुक के माध्यम से क्षेत्र में अपना दबदबा कायम करने के लिए एवं प्रार्थी को जान से मारने की धमकी दी गई तथा पुलिस इन्वेस्टीगेशन को गुमराह करने का प्रयास किया गया जिसे  सायबर सेल के द्वारा सोशल मीडिया को क्रैक कर उनकी योजना को विफल कर दिया। सायबर सेल के द्वारा लगातार तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा था तथा उसके आधार पर आरोपियों के संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही थी। आरोपियों को आर्थिक मदद तथा शरण देने वाले के खिलाफ दुर्ग पुलिस के द्वारा अभियान चलाकर उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाही की गई। इससे उनका लोकल नेटर्वक टूट गया एवं संभावित मददगार कार्रवाही की डर से उनसे दूरी बनाने लगे। इस दौरान आरोपियों को शरण देने वाले संजय जोशी निवासी पोटिया नंदनी के घर पुलिस ने दबिश दी। जहां पुलिस ने अवैध शराब का जखीरा बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया। तथा पूर्व में आरोपी के सहयोगी रहे अमीत जोश थाना खुर्सीपार को 399,25 आम्र्स एक्ट में कार्रवाही कर जेल भेज दिया। इस दौरान मुकुल के अन्य साथी विश्वजीत एवं लक्की जार्ज के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाही की गई। आरोपियों के सोशल मीडिया पर संचालित करने वाले प्रखर चंद्राकर एवं आपचारी बालक के खिलाफ कार्रवाही की गई है। मामले में आरोपियों को मदद करने वाले अन्य सहयोगी सुरज पाल निवासी नेवई,अशोक जांगड़े निवासी ग्राम हनोदा,मंगल सिंह निवासी स्टेशन मरौदा,पुलकित चंद्राकर निवासी मरौदा सेक्टर,गोपेन्द्र बाग निवाी पेंशनबाड़ा रायपुर के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाही कर जेल भेज दिया गया है। लगातार पुलिस के द्वारा आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देने के बाद यहां से बाहर भागने की योजना बनाकर फरार हो गए। सायबर सेल के लगातार तकनीकी विश्लेषण व परंपरागत पुलिस के संबंध से इनपुट आने पर आरोपियों के उत्तर भारत की ओर दिल्ली,लुधियाना जाने की पुष्टि हो रही थी। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस की विशेष टीम दिल्ली,लुधियाना,के लिए रवाना किया गया। आरोपियों द्वारा इंटरनेट गुगल के माध्यम से एवं स्थानीय समाचार पत्रों को पढ़कर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इसके अलावा आरोपी क्राईम पट्रोल,युट्यूब के माध्यम से अपने आप को अपडेट कर रहे थे। जिसके चलते आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देने के बाद भी वे पकड़ में नही आ रहे थे एक जगह पर थोड़ी देर रुकने के बाद आरोपी अपना ठिकाना बदल रहे थे। जिसके चलते आरोपियों को पकडऩे दिल्ली गए पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। आरोपियों को पकडऩे के लिए उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर दबिश देने के बाद भी आरोपी नही मिले। इसी क्रम में एक सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी मुकुल सोना एवं नागेन्द्र कुमार उत्तर प्रदेश के चंदोली से नागेन्द्र के निवास स्थान परबलपुर जिला नालंदा बिहार में शहर लेने गए है। तकनीकी विश्लेषण एवं मुखबीर की सूचना की पुष्टि होने पर पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल द्वारा  नालंदा जिले पुलिस अधीक्षक हरि प्रसाद से संपर्क कर दुर्ग पुलिस की मदद करने कहने पर उनके द्वारा तत्काल साधन उपलब्ध कराया गया। जिसके बाद दुर्ग एवं नालंदा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा आरोपी नगेन्द्र कुमार के निवास स्थान पर घेराबंदी कर दबिश दी गई। जिसके बाद मुख्य आरोपी मुकुल सोना उर्फ सोनू को हिरासत में लिया गया। पुलिस की पुछताछ में मुकुल सोना ने बताया कि नगेन्द्र कुमार पुलिस के दबिश के पहले ही कही चला गया था। आरोपी के पास से दो नग मोबाईल,वाई फाई राउटर,देशी कट्टा,राउण्ड,मारुरती कार 800 तथ एक पल्सर मोटरसाइकिल जब्त की गई है। पुलिस टीम द्वारा नगेन्द्र कुमार की पतातलाश की जा रही है।