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ब्रेकिंग : मुख्य सचिव को दिल्ली नही भेज सकते, ना ही भेज रहे हैं : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी चिट्ठी..पूरे मामले में सुभाष मिश्र के एक्सपर्ट कमेंट जानिए

 ब्रेकिंग : मुख्य सचिव को दिल्ली नही भेज सकते, ना ही भेज रहे हैं : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी चिट्ठी..पूरे मामले में सुभाष मिश्र के एक्सपर्ट कमेंट जानिए

जनधारा समाचार
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिख कह दिया है कि वो राज्य के मुख्य सचिव आलापन बंद्योपाध्याय को दिल्ली नहीं भेज सकती.

ममता बनर्जी ने चिट्ठी में लिखा है, 'इस महत्वपूर्ण वक़्त में पश्चिम बंगाल सरकार अपने मुख्य सचिव को रिलीज़ नहीं कर सकती और नहीं कर रही है.' उन्होंने साथ ही प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि वो इस आदेश को वापस लें और इस फ़ैसले पर दोबारा विचार करेंगे.

मोदी सरकार और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार के बीच ये मुद्दा टकराव की ओर बढ़ता जा रहा है. पिछले दिनों यास चक्रवाती तूफ़ान के बाद हालात का जायज़ा लेने पहुँचे प्रधानमंत्री की बैठक से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और मुख्य सचिव आलापन बंद्योपाध्याय नदारद रहे थे.

इसके बाद ही केंद्र की ओर से आलापन बंद्योपाध्याय को प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली आने का आदेश दिया गया जिसका ममता बनर्जी और बीजेपी कीे विरोधी पार्टियाँ आलोचना कर रही हैं. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी विधानसभा चुनाव में हार के बाद उनकी सरकार को परेशान कर रही है.

उन्होंने प्रधानमंत्री की मीटिंग में नही जाने के फ़ैसले को सही ठहराते हुए कहा कि ये बैठक मुख्यमंत्री के साथ होनी थी मगर इसमें राज्यपाल और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को बुलाकर इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया गया.

एक्सपर्ट कमेंट :

केन्द्र का आदेश सिर्फ सांकेतिक है ब्यूरोक्रेसी को चेतावनी देने के लिहाज से : सुभाष मिश्र

छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संघ के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में संयोजक श्री सुभाष मिश्र ने इस मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों पर भारत सरकार का नियंत्रण होता है. वह चाहे तो आइएएस को बुला सकती है लेकिन पश्चिम बंगाल के मामले में केन्द्र ने मुख्य सचिव को वापस बुलाने का आदेश जारी कर ब्यूरोक्रेसी को सिर्फ एक संदेश दिया है कि केन्द्र सरकार को हल्के में ना लें. आप देखिए कि मुख्य सचिव को 31 मई को डीओपीटी में रिपोर्ट करने को कहा गया है जबकि इसी दिन यानि आज ही पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव रिटायर हो रहे हैं. उन्हें तीन महीने का एक्सटेंशन राज्य सरकार ने दिया है. इसीलिए पश्चिम बंगाल सरकार ने आज ही केन्द्र को जवाब भी भेजा.

सुभाष मिश्र ने पूर्ववर्ती भाजपा की रमन सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि आइआरएस सर्विस के अमन सिंह को जब केन्द्र सरकार ने वापस बुलाना चाहा तो उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया था और राज्य सरकार ने उन्हें सचिव के तौर पर संविदा नियुक्ति दी थी. इसी तरह भाजपा ने शिवराज सिंह और दूसरे अधिकारियों को भी संविदा नियुक्ति देकर उन्हें उपकृत किया था.