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वन अधिकार पत्र से मिल रहा आजीविका का साधन

 वन अधिकार पत्र से मिल रहा आजीविका का साधन


रायगढ़। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वन संसाधनों के लोकतांत्रित प्रशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वन अधिकार अधिनियम को प्राथमिकता से क्रियान्वित किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत वन क्षेत्रों में निवास करने वाले नागरिकों को पात्रता अनुसार वन अधिकार पत्र दिए जा रहे है। वन अधिकार पत्र प्राप्त होने से पीढिय़ों से आजीविका हेतु उपभोग कर रहे है उन्हें भूमि का अधिकार मिला है तथा वन अधिकार पत्र पुस्तिका मिलने से विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है। जैसे भूमि समतलीकरण से उत्पादन में वृद्धि हुई है। समर्थन मूल्य पर धान बिक्री से आय में वृद्धि और ऋण मिलने से कृषि कार्य हेतु आवश्यकताओं की पूर्ति हितग्राही कर पा रहे है। जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है एवं आय में वृद्धि से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।

रायगढ़ जिले में इसके तहत 7400 हेक्टेयर क्षेत्रफल के 13 हजार 28 व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र, 62 हजार 348 हेक्टेयर क्षेत्रफल के 5 हजार 159 सामुदायिक वन अधिकार पत्र, 01 लाख 46 हजार 223 हेक्टेयर क्षेत्रफल के 295 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्रों का वितरण किया गया है।

वन पट्टाधारियों के जीवन स्तर में सुधार हेतु विभिन्न आजीविकावर्धक विभागों के कन्वर्जेन्स से संचालित कार्य के तहत महात्मा गांधी नरेगा एवं डीएमएफ के अभिसरण से चयनित एफआरए क्लस्टर में भूमि समतलीकरण एवं मेढ़ बंधान, चैन लिंक तार फेंसिंग एवं गेट निर्माण कार्य, वर्किंग शेड निर्माण, मिट्टी मुरूम सड़क निर्माण, सिंचाई हेतु डबरी, कुआं निर्माण एवं बोर खनन, सोलर पम्प, ड्रिप स्प्रिंकलर सर्कुलेशन टैंक निर्माण, बकरी शेड, मुर्गी शेड, गाय कोठा निर्माण के द्वारा 110 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। उक्त कार्यों हेतु मनरेगा एवं डीएमएफ द्वारा कुल 1.75 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

धरमजयगढ़ विकासखण्ड के विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति बिरहोर बाहुल्य ग्राम खलबोरा के 38 बिरहोर परिवारों में से 21 परिवार को कुल 20.373 हेक्टेयर भूमि का व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र प्रदान किया गया है। उक्त 21 पट्टा धारकों में से 11 पट्टा धारकों की भूमि को एफआरए क्लस्टर के रूप में चयनित कर विभिन्न विभागों के कन्वर्जेन्स से एफआरए क्लस्टर की सुरक्षा हेतु चैन लिंक तार फैंसिंग तथा गेट का निर्माण किया गया है। चयनित क्लस्टर भूमि की उपजाऊ क्षमता बढऩे हेतु भूमि समतलीकरण/मेढ़ बंधान, 7 डबरी निर्माण, 4 बोरवेल तथा 5 सोलर पम्प लगाया गया है।

उक्त क्लस्टर में मुख्य रूप से धान की खेती के अतिरिक्त कोदो, उड़द, मूंगफली, मक्का तथा झुनगा आदि की खेती भी की जा रही है। ग्राम खलबोरा के हितग्राहियों को कृषि कार्य हेतु डीएमएफ मद से टै्रक्टर प्रदान किया गया है। उक्त क्लस्टर में 2 सामुदायिक मुर्गी शेड का भी निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त व्यक्तिगत रूप से 9 अन्य हितग्राहियों की भूमि की समतलीकरण तथा एक गाय शेड का निर्माण किया गया है। इस प्रकार वन अधिकार अधिनियम के तहत भूमि वितरण एवं विभिन्न विभागों के सम्मिलित प्रयास से बिरहोर जनजाति के हितग्राही आजीविका मूलक गतिविधियों से जुड़ रहे है।