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होलिका दहन में गौकाष्ठ एवं कण्डे का उपयोग बेहतर विकल्प : कलेक्टर

 होलिका दहन में गौकाष्ठ एवं कण्डे का उपयोग बेहतर विकल्प : कलेक्टर

 शहरी समूह द्वारा निर्मित गौकाष्ठ, अगरबत्ती, वर्मी वॉश व केंचुआ खाद का किया गया प्रदर्शन
 उत्पादों की बुकिंग कर घर-पहुंच सेवा भी दी जा रही

धमतरी। गोधन न्याय योजना के तहत ग्राम्यांचल के साथ-साथ नगरीय क्षेत्रों में समूहों के द्वारा गोबर से निर्मित दैनिक उपयोग की वस्तुएं तैयार की जा रही हैं, महिलाएं इससे बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। नगरपालिक निगम धमतरी के दानीटोला वार्ड में स्थित मणिकंचन केन्द्र में नवज्योति शहर स्तरीय संघ की महिलाएं गोबर के कण्डे तैयार करने के अतिरिक्त गौकाष्ठ (ईंधन के तौर पर प्रयुक्त होने वाली गोबर से बनी लकड़ी), वर्मी कम्पोस्ट (केंचुआ खाद), वर्मी वॉश (लिक्विड कम्पोस्ट) और अलग-अलग खुशबू वाली अगरबत्ती बनाई जा रही है। कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य ने आज समूह द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का अवलोकन किया तथा उक्त नवाचार की सराहना की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गौकाष्ठ धुआंयुक्त ईंधन के स्थान पर बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि 28 मार्च को होलिका दहन में नगरवासी अगर गौकाष्ठ और गोबर से बने कण्डों का उपयोग करें तो यह पर्यावरणीय दृष्टिकोण से अच्छा रहेगा, साथ ही बिना लकड़ी का प्रयोग किए कम लागत पर होली जलाई जा सकेगी। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में समूह की सदस्यों से मुखातिब होते हुए गोधन न्याय योजना को आय अर्जित करने का अच्छा जरिया बताया, साथ ही इसके समुचित विक्रय एवं विपणन के लिए रणनीति तैयार करने के निर्देश आयुक्त नगरपालिक निगम  मनीष मिश्रा को दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत के सी.ई.ओ.मयंक चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर श्री दिलीप अग्रवाल भी मौजूद थे।
आयुक्त श्री मिश्रा ने बताया कि नवज्योति समूह की महिलाएं गोधन न्याय योजनांतर्गत स्थानीय दानीटोला वार्ड में स्थित एसआरएलएम सेंटर की अलग-अलग युनिट में वर्मी कम्पोस्ट के अलावा गोकाष्ठ, कण्डे, अगरबत्ती और वर्मी वॉश तैयार करती हैं। उन्होंने बताया कि निगम क्षेत्र में ऐसे चार सेंटर संचालित हैं, जहां वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जाता है, साथ ही कण्डे, गौकाष्ठ, वर्मी वॉश और अगरबत्ती भी तैयार किए जाते हैं। पंजीकृत 218 पशुपालकों से अब तक लगभग 20 हजार क्विंटल गोबर क्रय कर वर्मी खाद, गौकाष्ठ, वर्मी वॉश व उत्कृष्ट कण्डे निर्माण किए जा चुके हैं। समूह की सुपरवाइजर भारती साहू ने बताया कि महिलाओं के द्वारा नाडेप टांकों में केंचुआ डालकर 45 से 60 दिनों के भीतर वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जाता है।

इनमें केंचुआ खाद व वर्मी वॉश कण्डे की काफी डिमाण्ड है, जिसकी घर पहुंच सेवा भी उपलब्ध है। यह भी बताया गया कि यहां उत्पादित गौकाष्ठ को निगम क्षेत्र के अलावा नगर पंचायतों में भी आपूर्ति की जाती है जहां ढाबों में ईंधन (चूल्हा) के रूप में, शवदाह गृहों में शवों को मुखाग्नि देने तथा हवन-पूजन में लकड़ी के विकल्प के तौर पर आहुति देने का भी कार्य किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि शहर के एसआरएलएम सेंटरों में औसतन छह हजार कण्डे, 4500 गौकाष्ठ और ढाई हजार लीटर वर्मी वॉश तैयार हो रहे हैं। एक क्विंटल गौकाष्ठ का मूल्य एक हजार रूपए तथा कण्डे की कीमत 300 रूपए प्रति सैकड़ा है, जबकि वर्मी वॉश लिक्विड 35 रूपए प्रतिलीटर की दर से बेचा जाता है। इन उत्पादों को थोक के अलावा चिल्हर में भी बेचा जाता है जिसे मोबाइल नंबर 7470739265 पर कॉल करके बुकिंग कर होम डिलीवरी भी की जाती है।