breaking news New

टैक्स कलेक्शन की चुनौतियों पर विचार विमर्श : मप्र-छग को करना है 23 हजार करोड़ रुपए की टैक्स वसूली

टैक्स कलेक्शन की चुनौतियों पर विचार विमर्श : मप्र-छग को करना है 23 हजार करोड़ रुपए की टैक्स वसूली

भोपाल। मप्र-छग आयकर विभाग के प्रभारी प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर परनीत सिंह सचदेव ने दोनों राज्यों के अधिकारियों से टैक्स वसूली और असेसमेंट सहित विभागीय कामकाज के मुद्दों पर चर्चा की।

उन्होंने सीबीडीटी द्वारा दिए गए टैक्स वसूली के टारगेट को हासिल करने के टिप्स भी दिए। मप्र सहित अन्य राज्यों में तेजी पकड़ रही कोविड की तीसरी लहर के बीच टैक्स कलेक्शन की चुनौतियों पर भी विचार विमर्श किया गया। प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर सचदेव के पास मप्र-छग का 31 अक्टूबर से अतिरिक्त प्रभार मौजूद है। यहां प्रिंसिपल ऑफ चीफ कमिश्नर रहीं लेखा कुमार की सेवानिवृत्ति के बाद से सचदेव के पास प्रभार है। एाई महीने के दौरान अधिकारियों के साथ वह दूसरी बार रूबरू हुए थे।

उन्होंने विशेष रूप से समय से असेसमेंट निपटाने को प्राथमिकता देने के अलावा टैक्स वसूली और कलेक्शन टारगेट पर भी चर्चा की। एडवांस टैक्स की अंतिम किश्त अब मार्च में आएगी। बताया जा रहा है कि 31 दिसम्बर तक हुई टैक्स वसूली की स्थिति को देखते हुए इस बार भी टैक्स वसूली का टारगेट पूरा होने में संशय नजर आ रहा है।

सीबीडीटी ने मप्र-छग को इस साल 23 हजार करोड़ रुपए टैक्स वसूली का टारगेट दिया है। पिछले दो साल से कोरोना के चलते आयकर की सालाना टैक्स वसूली का टारगेट पूरा नहीं हो रहा। सीबीडीटी ने पूर्व में कलेक्शन का जो टारगेट दिया था उसे संशोधित भी किया जा चुका है। भोपाल प्रवास के दौरान चेम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश पदाधिकारियों ने भी प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर से मुलाकात कर टैक्स संबंधी मुद्दों पर विचार किया।