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अब आटा चक्कियों का भी पंजीयन : सुनिश्चित की जा सकेगी आटा की गुणवत्ता

 अब आटा चक्कियों का भी पंजीयन : सुनिश्चित की जा सकेगी आटा की गुणवत्ता


राजकुमार मल

रायपुर- आटा चक्की संचालकों को अपनी यूनिट के संचालन के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन से पंजीयन नंबर लेना होगा। इसके साथ जरूरी, हर वह उपाय करने होंगे, जिनसे तैयार हो रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा निश्चित होती है।  राज्य मुख्यालय ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इस संबंध में दिशा- निर्देश जारी करते हुए कहा है कि इसका पालन किया जाना सुनिश्चित करें।

खाद्य पदार्थों का उत्पादन और विक्रय करने वाली औद्योगिक इकाइयों और संस्थानों पर नजर रखने के बाद अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन आटा चक्की संचालन करने वाले कारोबारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है। पहले चरण में ऐसे कारोबार करने वालों के लिए पंजीयन नंबर का लिया जाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा जारी नियम भी समय-समय पर प्रभावी होंगे।

इसलिए जरूरी

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अपनी प्रारंभिक जांच में पाया है कि चल रही आटा चक्कियों में बेतरह लापरवाही बरती जा रही है। इसके अलावा स्वच्छता को लेकर भी यह गंभीर नहीं हैं। यहां- वहां ऐसे ही रख दिए जाने से गेहूं ,दाल, चावल की गुणवत्ता निम्न हो सकती है। इसलिए इन्हें पंजीयन नंबर को अनिवार्यता में  लिया जा रहा है।

करना होगा सुरक्षा के यह उपाय

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के फरमान के मुताबिक आटा चक्कियों में काम करने वाले ऑपरेटर और सहायक का नियमित समय के अंतराल में स्वास्थ्य परीक्षण, ऑपरेटिंग के दौरान हेड कैप, ग्लब्स और मानक के  अनुसार जूतों को पहनना होगा। खाद्य सामग्रियों के रखने की जगह स्वच्छ करनी होगी।  आटा चक्कियों को नियमित समय के बाद स्वच्छ करना होगा ताकि मिश्रण जैसी शिकायतों से बचा जा सके।

लेना होगा पंजीयन नंबर

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियमों के मुताबिक पंजीयन नंबर लिए जाने के बाद, न केवल नियम का पालन करना होगा बल्कि तैयार होने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जवाबदेही भी लेनी होगी। इसे  स्वच्छ और सुरक्षित कारोबार को बढ़ावा  मिलेगा। प्रशासन के राज्य मुख्यालय ने जिलों में तैनात खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारियों को इसके लिए जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं।


भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के मुताबिक आटा चक्की के संचालन के लिए पंजीयन नंबर की अनिवार्यता है। जिलों में पदस्थ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए जा रहे हैं।

- डॉ आर के शुक्ला, असिस्टेंट कमिश्नर, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, रायपुर