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PHE विभाग के दावों की खुली पोल: ओड़गी मुख्यालय में पानी के किल्लत से ग्रामीण परेशान, जल्द समाधान नहीं तो ग्रामीण करेंगे चक्काजाम

PHE विभाग के दावों की खुली पोल: ओड़गी मुख्यालय में पानी के किल्लत से ग्रामीण परेशान, जल्द समाधान नहीं तो ग्रामीण करेंगे चक्काजाम


 मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति

पाइप बिछाने के नाम पर भी की गई है घोटाला जांच हो तो कई अधिकारी आएंगे लपेटे में

सुरजपुर/ओड़गी, 19 मार्च। जिले के स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेय जल उपलब्ध कराने के दावे करती है। जिसका धरातल से दूर तक कोई लेना देना नही होता है। स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाव केवल कागजो में कार्य बेहतर दिखता है तो वही जमीन पर ग्रामीण आज भी पेय जल के लिए काफी मशक्क्त करने को मजबूर है। 

 इस कड़ी में ओडगी मुख्यालय में वर्षों से पानी के समस्या को लेकर ग्रामीणों के द्वारा चक्का जाम एवं उग्र प्रदर्शन किया जा चुका है। तब जाकर पूर्व शासन के द्वारा करोड़ों की लागत से पानी टंकी का निर्माण कराया गया। जो पानी मुख्यालय में आता है वह मुख्यालय से 3 किलोमीटर से पाइप बिछाकर टंकी में पानी सप्लाई की जाती है। परंतु कुछ दिनों से पानी की सप्लाई बंद पड़ी है। जिसके कारण मुख्यालय के ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण एवं व्यापारी भोर से ही अपने परिवार के साथ साइकिल के माध्यम से पानी भरने के लिए कई किलोमीटर दूर जाते हैं। जैसे-जैसे गर्मी आती जा रही है वैसे ही औड़गी मुख्यालय में पानी की समस्या दिन पर दिन गंभीर होती जा रहा है। परंतु विभागीय अधिकारियों के द्वारा सही ढंग से देखरेख ना करने के कारण ग्रामीणों को इसकी सजा भुगतनी पड़ रही है। ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि कई बार विभागीय अधिकारियों को इसका सूचना दिया गया है। परंतु विभागीय अधिकारी या ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि इस मामले पर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। 


इस कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जल्दी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो समस्त महिला एवं ग्रामीणों के साथ ओड़गी बस स्टैंड में उग्र प्रदर्शन एवं चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे। 

विभागीय अधिकारियों को भी परेशानी

मुख्यालय में स्वास्थ्य विभाग से लेकर कई विभाग के अधिकारी मुख्यालय में रहते हैं परंतु उन्हें भी पानी जैसे महत्वपूर्ण चीज को लेकर काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है परंतु विभागीय अधिकारी होने के कारण अधिकारी मौखिक तौर पर इस मामले को लेकर काफी नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि पानी की सप्लाई बंद हो जाने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है पानी भरने के कारण सही समय पर सरकारी कामों को भी हम सही ढंग से नहीं कर पा रहे हैं।

 पानी सप्लाई में मेंटेन भी कुछ नहीं

शासन के द्वारा हर साल पंद्रह हजार की लागत से मरम्मत एवं मेंटेन के लिए दिया जाता है परंतु आज तक देखने को नहीं मिला है कि पानी सप्लाई में कहीं भी मेंटनेंस किया जा रहा है।  परंतु कागजी कार्यवाही में ही मेंटेन हर वर्ष पंद्रह हजार रुपए का खर्च कर दिया जा रहा है विभागीय अधिकारी अगर गंभीरता से इस मामले को लेते तो ग्रामीणों को पानी जैसे महत्वपूर्ण समस्या के लिए परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। 

शासन के दौरान दी गई लाखों रुपए सिर्फ की गई खानापूर्ति है

ज्ञात हो कि मुख्यालय में पानी 3 किलोमीटर दूर से आता है शासन मनसा था कि कम दूरी से पानी टंकी में सप्लाई की जाए जिसको लेकर शासन के द्वारा लाखों रुपए खर्च की गई थी।  परंतु पीएचई विभाग एवं संबंधित अधिकारियों के द्वारा खानापूर्ति करते हुए पानी टंकी से लेकर तालाब पारा तक लाखों का पाइप बिछाकर सो पीस छोड़ दिया गया है पाइप बिछाने का मनसा था कि आपातकाल में कभी पाल धनोली का मोटर खराब हो जाएगा तो तालाब पारा के बोर से पानी सप्लाई कर दी जाएगी परंतु जब से लाखों रुपए का पाइप बिछा है तब से लेकर आज तक कभी उस पाइप से टंकी में पानी सप्लाई नहीं किया गया और लाखों रुपए का खर्च कर शासन को कागजी कार्रवाई करते हुए पैसा हड़प लिया गया है इसकी जांच हो तो कई अधिकारी लपेटे में आएंगे।

छात्रावास में भी गंभीर समस्या

मुख्यालय में बालक छात्रावास कन्या छात्रावास एवं अन्य छात्रावास मुख्यालय में हैं स्कूल खुल जाने के कारण बच्चे भी हॉस्टल में रहना चालू कर दिए हैं उन्हें भी पानी सप्लाई के ही माध्यम से पानी दी जाती है परंतु सही समय पर उन्हें पानी ना मिलने के कारण बच्चों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है भूतपूर्व में छात्रावास के बच्चों के द्वारा भी थाना चौक पर चक्का जाम करके बड़ा आंदोलन किया था परंतु विभागीय अधिकारी के द्वारा पानी सप्लाई का आश्वासन देकर आंदोलन को समाप्त कराया था। 

क्या कहते हैं इस संबंध में विभागीय अधिकारी

इस संबंध में पीएचई विभाग के अधिकारी आरसी शर्मा से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया की ग्राम पंचायत को हैंड ओवर कर दिया गया है हम को सूचना दी जाती है तो हम उनको विभागीय तौर पर मदद करते हैं आपके द्वारा जानकारी दी गई है तत्काल संबंधित सचिव से बात करके जल्द पानी का सप्लाई प्रारंभ कराते हैं।

इस संबंध में ग्राम पंचायत के सचिव  प्रमोद सिंह ने बताया कि मोटर से पानी कम आ रहा था जिसके कारण टंकी में पानी नहीं पहुंच पा रहा था पीएचई विभाग के कर्मचारियों के सहयोग से मोटर को निकाल कर पाइप डालने का प्रयास किया गया परंतु मोटर जाम होने के कारण पाइप नहीं निकल पाया है पीएचई विभाग के मिस्त्री छतरंग गए हुए हैं वापस जैसे ही आते हैं पुनः प्रयास किया जाएगा की मोटर बाहर निकले काम पूरा होते ही जल्द पानी सप्लाई चालू करा दी जाएगी।