breaking news New

बांगडा चिटफंड कंपनी का फरार डायरेक्टर गिरफ्तार

बांगडा चिटफंड कंपनी का फरार डायरेक्टर गिरफ्तार


दो डायरेक्टर पूर्व में थे गिरफतार एक डायरेक्टर तीन सालो से था पार 

45 निवेशकों से डायरेक्टरों ने की थी लगभग 4 करोड़ की ठगी 

भिलाई। पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल के निर्देश पर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर , संजय ध्रुव तथा नगर पुलिस अधीक्षक छावनी , आर के जोशी के मार्गदर्शन में चिटफंड कंपनियों के फरार आरोपियों के धरपकड एवं पीड़ित पक्ष को निवेशित राशि दिलाने की दिशा में चलाये जा रहे सत्त अभियान के तहत थाना सुपेला के अपराध कमांक 976/19 धारा 420 409 120 वी 34 भादवि . 3. 4. 5 . चिटफंड अधि 0 एवं छ 0 ग 0 नि 0 का सरंक्षण अधि 0 की धारा 10 के मामले में नाना रियल इंफा लिमि 0 कार्यालय आकाश गंगा सुपेला के दो डायरेक्टर 1. विका । देवी 2. कवल राम देवांगन की गिरफतारी वर्ष 2019 में की गई थी , जो वर्तमान में जेल में है । कंपनी का तीसरा डायरेक्टर रितेश कुमार देवांगन लगातार फरार चल रहा था , जिसकी तलाश सुपेला पुलिस के द्वारा लगातार किया जा रहा था । उसके संबंध में मुखबीर सूचना प्राप्त होने पर धनौरा रोड रिसाली थाना नेवई से गिरफतार किया गया है ।

वर्ष 2013 में तीनो आरोपियों ने मिलकर बांगडा रियल इंफा लिमि 0 नाम का एक कंपनी खोला था जिसका कार्यालय आकाश गंगा सुपेला में था । शुरूआत में ही इस कंपनी के कर्ताधताओ ने बड़े पैमाने में अपनी योजनाओं का प्रचार प्रसार किया को प्रलोभन दिया गया कि कंपनी आपको 5 साल में रकम दुगुना कर वापरा दुगुना नही होने की स्थिति में भी न्यूतनम 12 प्रतिशत वार्षिक व्याज , जमा रकम का दिया जावेगा । लोग प्रलोभन में आकर ज्यादा से ज्यादा राशियाँ कंपनी में लगाने लग उन्हे बकायदा एक बाण्ड पेपर जारी किया गया ।

कंपनी का एजेंडा था कि जमा रकम को रियल स्टेट के धंधे में लगाया जायेगा और उसका लाभ निवेशको को दिया जायेगा । बाण्ड के मुताविक जब नियत तिथी को लोगो को बढे पैसे वापस नहीं मिले तर निवेशक डायरेक्टरी से मिले पर वे लोगो के पैसे वापस नही कर उन्हें गुमराह करते रहे । ऐसे ही एक निवेशक चन्द्र कुमार जैन रिसाली द्वारा कंपनी में 17.53,100 रू जमा कराया गया था और कंपनी ने उसे बाण्ड पेपर जारी किया गया था । जब डायरेकालो ने उसे व्याज व मूलधन वापस नहीं किया तब उसके द्वारा थाना सुपेला में अपराध पंजीयन कराया गया था । पुलिस जांच पर पाया गया था कि 45 लोगो से लगभग 3.35 कपात रू का गबन डायरेक्टरो ने किया और कार्यालय को बंद कर दिया था । गिरफ्तार आरोपी से कंपनी के द्वारा किये गये निवेश से संबंधित दस्तावेज प्राप्त किये गये है । जिससे विधिवत् रकम की वापसी कर निवेशको को उनकी जमा रकम वापस दिलाई जा सके ।