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राम वनगमन पर्यटन परिपथ नौ स्थलों के विकास कार्य होगी पहली प्राथमिकता : आईएएस यशवंत कुमार

राम वनगमन पर्यटन परिपथ नौ स्थलों के विकास कार्य होगी पहली प्राथमिकता : आईएएस यशवंत कुमार

रायपुर, 12 जून। भारतीय प्रशासनिक सेवा के वर्ष 2007 बैच के अधिकारी (आईएएस) यशवंत कुमार ने शुक्रवार को प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का कार्यभार ग्रहण किया। यशवंत ने शाखा प्रमुखाें की बैठक लेकर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा राज्य में संचालित विभिन्न पर्यटन गतिविधियाें की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राम वनगमन पर्यटन परिपथ चिह्नांकित नौ स्थलों के विकास कार्य होगी पहली प्राथमिकता होगी, जहां विकास कार्य तेज गति से किया जाएगा।

उन्होंने बैठक में ट्राइबल टूरिज्म सर्किट, बुद्धिस्ट सर्किट सिरपुर, प्रसाद योजना के अंतर्गत मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ के कार्यों के बारे में जानकारी लेने के बाद इन सभी परियोजनाओं की गति तेज करने को कहा। बता दें कि फोटोग्राफी, पर्यटन और एडवेंचर गतिविधियाें में विशेष रूचि रखने वाले आईएएस यशवंत कुमार नारायणपुर, बीजापुर, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा के कलेक्टर के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।

वर्तमान में राज्य शासन ने उन्हें संचालक, कृषि के पद पर पदस्थ करते हुए प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं गन्ना आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौपा है।

राम वन गमन पथ के लिए ये स्थान चुने गए हैं

राम वन गमन पथ के प्रथम चरण के लिए नौ स्थान चिह्नित किए गए हैं। इनमें सीतामढ़ी-हरचौका (कोरिया), रामगढ़ (अंबिकापुर), शिवरी नारायण (जांजगीर-चांपा), तुरतुरिया (बलौदाबाजार), चंदखुरी (रायपुर), राजिम (गरियाबंद), सिहावा-साऋषि आश्रम (धमतरी), जगदलपुर (बस्तर) और रामाराम (सुकमा) शामिल हैं। कोरिया से सुकमा तक निर्मित होने वाला राम वन गमन पथ कदम-कदम पर राम-मय होगा। छत्तीसगढ़ शासन ने जो कार्ययोजना तैयार की है, उसमें तीर्थ और पर्यटनों स्थलों के द्वार से लेकर लैंप-पोस्ट और बैंच तक के सौंदर्यीकरण का विशेष ध्यान रखा गया है।