रायपुर : प्रेस कांन्फ्रेंस कर सीएम बघेल ने कृषि अध्यादेश पर मोदी सरकार को घेरा

रायपुर : प्रेस कांन्फ्रेंस कर सीएम बघेल ने कृषि अध्यादेश पर मोदी सरकार को घेरा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रेस कांन्फ्रेंस करके मोदी सरकार पर बड़ा हमला किया । सीएम बघेल ने कहा - कृषि अध्यादेश लाकर  केन्द्र सरकार का यह कानून असंवैधानिक है। उन्होंने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा -  राज्यों को भरोसे में लिए बिना पास किया गया कानून  किसान विरोधी है।

मुख्यमंत्री ने कहा  ट्रेड शब्द जोड़कर केंद्र सरकार ने बिल लाया है , जो संघीय ढाँचा के विपरीत है, ऐसी स्थिति में भविष्य में केंद्र टैक्स भी लगा सकती है। श्रम क़ानून राज्यों के बिना विश्वास के लाया गया, शांता कमेटी की रिपोर्ट अनुसार यह क़ानून लागू किया गया।

सीएम बघेल  ने भाजपा और रमन सिंह से कई सवाल भी पूछे, सीएम ने कहा कि स्वामीनाथन कमेटी का समर्थन करते हैं या विरोध? किसानों की आय को दोगुना कब करेंगे? केंद्र ने बोनस देने पर रोक लगाया, इसके पक्ष में है या नहीं?

इस अवसर पर राजीव भवन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ  मंत्री रविंद्र चौबे, मोहम्मद अकबर, शिव डहरिया भी मौजूद रहे। कृषि सुधार क़ानून, श्रम क़ानून में परिवर्तन को लेकर सीएम ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। 

सीएम ने कहा कि यह पीडीएस सिस्टम को खत्म करने की साजिश है। किसानों को पहले भी अपनी उपज बेचने के लिए छूट थी। छत्तीसगढ़ में 90 प्रतिशत किसानों को एमएसपी के अलावा अतिरिक्त भी लाभ दिया गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रेसवार्ता में कहा कि छत्तीसगढ़ में एक रुपये की दर से चावल दिया जाता है। शांता कमेटी की रिपोर्ट ऐसी योजनाओं को बंद करने की सिफारिश करती है, बोनस देने वाले राज्यों से अनाज नहीं लेने की सिफारिश भी इस कमेटी ने की है ।

 बिल के विरोध में कांग्रेस ने पैदल मार्च का एलान किया है। 29 सितंबर को कांग्रेस राजिव भवन से राजभवन तक पैदल मार्च करेंगे। इस मार्च में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित प्रदेश के मंत्री, पीसीसीचीफ मोहन मरकाम सहित कांग्रेस कई दिग्गज नेता  शामिल होंगे। वहीं राजभवन पहुंचने पर सीएम बघेल राज्यपाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।