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घनघोर बरसात के चलते बेरौनक रहा सुकमा का धनतेरस बाजार

घनघोर बरसात के चलते बेरौनक रहा सुकमा का धनतेरस बाजार

सुकमा -कोरोना काल के बाद जो बाजार सजना था व्यापार जगत ने न कोई कमी ही रखा न किसी मंदी का अहसास होने दिया सुकमा बाजार सजाने मे व्यापारी कोई भी कसरनही छोडे  फिर भी  बाजार का हाल छिपाए न छिपा   ,जहा व्यापारीयो को करोना काल के बाद आशा थी बाजार मे रौनक लौटेगी लेकिन बेरौनक बाजार का बचा कूचा कसर भारी बारिस ने पुरा कर दिया सुबह से ही सुकमा के आकाश मे घनघोर बादल छाय हुई थी और आखिर बादल  शामको बरस ही गयी  बाजार मे ऐसे भी रौनक की कमी थी बारिस लगातार होने की वे से ग्राहक घर सो निकल है न पाय  जिससे असर सोने चांदी की दुकानो मे देखने मिली  की सजी दुकानों में बैठे विक्रेता ग्राहक का इंतजार करते रहे !

अभी तक रुझान नहीं दिखा:त्यौहारो का, दुकानदारों का कहना है आमतौर पर दीपावली के एक सप्ताह पहले ही दिपावली का माहौल समझ आ जाता है पटाखों की

अच्छी बिक्री होने लगती है।सुकमा से लगा  जिला जैसे मलकानगिरी से बहुत सेलिंग रहा अबतक लेकिन आपकी बार मलकानगिरी से भी खरीददार कम है सुकमा कम आ रहे है आपकी बार पटाखे कम दाम मे  बेचे जा रहे हैं।

बल्कि पटाखे के दाम इस बार कम है 

है। इससे विक्रेताओं को उम्मीद है कि दीपावली का त्योहार जैसे-अभीचार दिन है  वैसे-वैसे बिक्री बढ़ेगी। पटाखा विक्रेता मोती लड्डा ने बताया कि इन चार दिनों में बिक्री बढ़ने की आशा इन दिनों भले ही पटाखों की बिक्री कम हो, लेकिन दिवाली तक यह बढ़ेगी। मोती लड्डा का कहना है कि अभी इक्का-दुक्का ग्राहक ही पटाखे खरीदने आ रहे हैं।

 ग्राहकी कम है और बारिश की वजह  से पटाखो  मे नमी आ जायगी जिससे बिक्री मे और कमी न आ जायगी ऐसे भी दुकान पर बैठे-बैठेदिन काटना पड़ रहा है। हर साल दीपावली के एक सप्ताह पहले ही पटाखों की बिक्री तेज होने लगती थी।