कोरोना में बढ़ती महंगाई से गरीब परेशान

कोरोना में बढ़ती महंगाई से गरीब परेशान

सब्जी,राशन की दर आसमान पर

चांपा, 30 सितंबर। कोरोना और कोरोना संक्रमण आज यह समस्या हर किसी के जुबान पर रटा हुआ पाया जा रहा है और जितने लोग  उतनी ही अलग-अलग किस्से कहानी अब हमारे समक्ष आने लगा है इसी के तारतम्य में यदि जोड़कर देखा जाए तो कोविड संक्रमण के बराबर अब महंगाई भी चर्चा का विषय बन कर लोगों के लिए आफत का सबब बन रहा है। एक तरह से देखा जाए तो जितनी लोग उतनी समस्याएं की तरह महंगाई अब सुरसा के मुंह की तरह खुलता ही जा रहा है दिन-ब-दिन जरूरी खाद्य सामग्रियों का मूल्य इस कदर बढ़ रहा है कि लोग इससे त्राहिमाम करने लगे हैं। बात यदि मूल्य नियंत्रण की करें तो क्या केंद्र और राज्य सरकार या फिर जिला प्रशासन हर स्तर पर इसे मौन स्वीकृति दी जा रही हो जैसे परिस्थिति दिखाई पड़ रही है। यदि बात जिला प्रशासन की करें तो बढ़ रही जरूरी चीजों की महंगाई जिला प्रशासन के पकड़ से कोसों दूर है। 

हर व्यक्ति और हर परिवार के लिए आलू प्याज और टमाटर सबसे अधिक जरूरी खाद्य पदार्थों में शुमार किया जाता है और इन खाद्य पदार्थों का मूल्य सुनकर गरीब और असहाय व्यक्ति मानो मूर्छित होने के कगार में पहुंच जाता है। बताया जाता है कि आलू टमाटर और प्याज ₹100 से ₹150 तक के मूल्य में सरेआम ना सही तो  चोरी-छिपे बेचा जा रहा है जिसे लोग लेने के लिए मर्जी से ना सही पर विवश जरूर दिखाई पड़ रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर करेला, बरबट्टी, कुंदरू, भिंडी तरोई ,दोड़का, केला, मखना, करील नींबू ,अदरक, लाल भाजी सहित  सभी कच्चा फल सब्जियों का दाम आसमान छूने को है। गरीब व्यक्ति केवल सब्जियों का मूल्य पूछ कर पीछे हट जाता है तो सक्षम व्यक्ति पाव आधा किलो लेने के लिए विवश हैं। आखिरकार राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन को दो महंगाई के मद्देनजर तथा लाक डाउन के पहले इस पर व्यवस्था बनाने का ख्याल क्यों नहीं आया यह एक बड़ी प्रश्न लोगों के मन में बिजली की तरह दौड़ रहा है।