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राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा जारी, तृणमूल के छह सदस्य निष्कासित

राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा जारी, तृणमूल के छह सदस्य निष्कासित

नयी दिल्ली !  राज्यसभा में बुधवार को भी विपक्षी दलों के सदस्यों का पेगासस जासूसी मामले, किसानों की समस्याओं और महंगाई को लेकर शोरगुल और हंगामा जारी रहा जिसके कारण तृणमूल कांग्रेस के छह सदस्यों को दिनभर के लिए सदन की कार्यवाही से निष्कासित कर दिया गया।

विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित की गयी और अंत में तीन बजकर 12 मिनट पर दिन के लिए स्थगित कर दी गयी। सदन में आज भी शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो सका। हालांकि तृणमूल कांग्रेस के जवाहर सरकार ने सदन की सदस्यता की शपथ ली। हंगामे के बीच सदन ने सीमित दायित्व भागीदारी (संशोधन) विधेयक 2021, निक्षेप बीमा एवं प्रत्यय गारंटी निगम (संशोधन) विधेयक 2021 और भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक 2021 ध्वनिमत से पारित कर दिये।

सभापति एम. वेंकेया नायडू ने नियम 255 केे तहत तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन, मोहम्मद नदीमुद्दीन, अबीर रंजन बिस्वास, शांता छेत्री, अर्पिता घोष और मौसम नूर पर निष्कासन की कार्रवाई की। ये सदस्य सदन के बीच में कार्यवाही के दौरान तख्तियां दिखा रहे थे और सभापति के आदेश की अवहेलना कर रहे थे। इससे पहले पिछले सप्ताह सदन में सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से दस्तावेज छीनकर फाड़ने पर तृणमूल कांग्रेस के ही शांतनु सेन को पूरे सत्र के लिए सदन की कार्यवाही से निष्कासित कर दिया गया था। सदन में पिछले तीन सप्ताह से विपक्ष का कड़ा विरोध जारी है।


श्री नायडू ने सुबह कार्यवाही शुरु होने पर कहा कि जो सदस्य सदन के बीचों बीच खड़े है वे अपने स्थान पर चले जाए नहीं तो वह नियम 255 के तहत सदस्यों का नाम लेंगे और वे सदन की दिनभर की कार्यवाही से वंचित हो जाएगे। इसके बाद उन्होंने सदस्यों को सदन से बाहर जाने का आदेश दिया। इसके बाद भी सदस्यों का शोर- शराबा जारी रहने पर सभापति ने कहा कि जो सदस्य सदन के बीचों बीच खड़े है, सभा सचिवालय उनकी सूची सभापीठ को देगा। इसके बाद भी हंगामा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।