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ड्रीप लगाने एवं बैंक से फायनेंस कराने के नाम पर दलालों ने बेच दी ग्रामीणों की 40 एकड़ जमीन

ड्रीप लगाने एवं बैंक से फायनेंस कराने के नाम पर दलालों ने बेच दी ग्रामीणों की 40 एकड़ जमीन

जगदलपुर । जिले के बकावंड़ विकासखंड अंर्तगत ग्राम मसगांव में दो दर्जन किसानों को खेतों में ड्रीप लगाने एवं बैंक से फायनेंस कराने के नाम पर दलाल ने 40 एकड़ जमीन को जगदलपुर के एक आदिवासी महिला के नाम पर विक्रय कर दिया, क्रेता के द्वारा 30 एकड़ बंजर भूमि सहित 70 एकड़ भूमि पर बाउण्ड्रीवाल के बाद ग्रामीणों को अपने जमीन विक्रय किए जाने के खुलासे के बाद ग्रामीणों के होश उड़ गये हैं। ग्रामीणों को कहना है कि हमने जमीन का विक्रय किया ही नहीं है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के बकावण्ड तहसील के मसगांव पंचायत में ग्रामीण किसानों की रजिस्ट्री कराकर विक्रय कर दिया गया, क्रेता द्वारा जमीन की बाउण्ड्रीवाल कराने के बाद जमीन मालिक को जमीन बिक्री किए जाने का हुआ खुलासा। मसगांव के ग्रामीण तुलसी, बलराम, रघुनाथ, बुधमन, सदन, फगनू, गंगाधर, दामोदर, रघु, बलराम, शोभा, संग्राम, सोनसाय, सुकालू ने बताया कि ड्रीप लगाने एवं बैंक फायनेंस के नाम पर बस्तर के दो व्यक्तियों द्वारा सभी से संपर्क किया गया था, उसी दौरान कुछ दस्तावेज में हस्ताक्षर कराया गया था। इसके बाद वह कभी ग्रामीणों के संपर्क में नहीं आया, ग्रामीणों का कहना है कि हम लोगों ने अपनी जमीन की बिक्री नहीं की है। हर वर्ष की भांति जमीन पर काबिज-काश्त करते आ रहे है। कुछ माह पूर्व शहर के साहूकार तहसीलदार के साथ मौके पर पहुंचे और जमीन का सीमांकन करने लगे जिसका ग्रामीणों द्वारा विरोध करने पर तहसीलदार द्वारा कहां गया कि यह जमीन विक्रय की जा चुकी है, शासकीय कार्यों में बाधा डालने पर जेल भेजने की भी धमकी दी गई। ग्रामीणों के विरोध के बाद भी बाउण्ड्रीवाल खड़ाकर किसानों के जमीन पर कब्जा किया गया।

ग्रामीणों के अनुसार 30 एकड़ शासकीय भूमि सहित मसगांव के खसरा नंबर 124, 151, 157, 162, 134, 290, 349, 351, 169, 553, 562, 563 एवं अन्य खसरा की भूमि किसानों के नाम से दर्ज है। उक्त भूमि को जगदलपुर एक आदिवासी महिला एवं एक अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज होना बताया जा रहा है। बताया जा रहे है कि इस भूमि से सटा लगभग 30 एकड़ शासकीय भूमि है उक्त भूमि पर भी राजस्व विभाग से सांठगांठ कर कब्जा किया जा चुका है।     ग्रामीण अपनी ही जमीन पर कब्जा पाने प्रशासन के चक्कर लगाने पर मजबूर है। पीडि़त ग्रामीणों ने बताया कि उक्त मामले की शिकायत कलेक्टर से कर जमीन वापसी की गुहार लगाई जायेगी। ग्रामीण किसानों को जमीन वापसी नहीं हुई तो चक्काजाम की चेतावनी दी जा रही है।

बकावण्ड तहसीलदार श्री पोयाम ने बताया कि इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। बस्तर एसडीएम श्री रावटे ने बताया कि आपके द्वारा मामले को संज्ञान में लाया गया है। इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी जांच में सही पाये जाने पर रजिस्ट्री निरस्त कराने के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।