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4जी-5जी के लिए विश्वस्तरीय देसी तकनीक बनाएगा भारत

4जी-5जी के लिए विश्वस्तरीय देसी तकनीक बनाएगा भारत

नयी दिल्ली।  भारत ने दूरसंचार क्षेत्र में बड़े सुधारों को मंजूरी देने के साथ ही 4 जी एवं 5 जी प्रौद्योगिकी के बीच सेतु की तरह काम करने वाली ‘रेडियाे एक्सेस तकनीक’ को देश में डिजाइन करने एवं उसका विनिर्माण करके विदेशों में निर्यात करने का भी फैसला किया है।

संचार, सूचना प्रौद्याेगिकी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में केन्द्रीय मंत्रिमंडल के निर्णयों की जानकारी के साथ ही कहा कि दूरसंचार क्षेत्र में सुधारों से टेलीकॉम ऑपरेटरों के पास 5 जी प्रौद्योगिकी में निवेश करने के लिए पूंजी का प्रवाह सुलभ हो सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न एवं संकल्प के अनुरूप यह भी निर्णय हुआ है कि 4जी एवं 5जी प्रौद्योगिकी को जोड़ने वाली रेडियो एक्सेस तकनीक देश में ही डिजायन की जाएगी और उसका विनिर्माण होगा।

श्री वैष्णव ने कहा कि भारत की इस तकनीक को विश्वस्तरीय बनाया जाएगा और उसे अन्य देशों को निर्यात भी किया जायेगा। उन्होंने कहा कि दूरसंचार के क्षेत्र में सुधारों से इस उद्योग को दबाव से मुक्ति एवं गति मिलेगी तथा निवेश का चक्र सुधरेगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि टेलीकॉम कंपनियों के बकाये के भुगतान के लिए चार साल की मोहलत मिलने से सरकार के राजस्व पर कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि इस अवधि पर कंपनी को ब्याज भी देना होगा जो पहले की तुलना में दो प्रतिशत कम होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक अक्टूबर से बकाये पर ब्याज भारतीय स्टेट बैंक के धन की सीमांत लागत पर आधारित ब्याज दर (एमसीएलआर) से चार फीसदी अधिक की बजाय अब केवल दो प्रतिशत अधिक रखी जाएगी।