breaking news New

भिलाई : स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण कर आयुक्त ने मरीज को अधिक से अधिक लाभान्वित करने पर दिया जोर

भिलाई :  स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण कर आयुक्त  ने मरीज को अधिक से अधिक लाभान्वित करने पर दिया जोर

Ramesh gupta 

दाई-दीदी क्लीनिक में किशोरी व माताओं ने कराई हीमोग्लोबिन जांच, आज के स्वास्थ्य शिविर में 304 लोगों ने कराए उपचार

-अब तक 116753 लोगों ने स्वास्थ्य सेवा का लिया लाभ

भिलाई। महापौर नीरज पाल की मंशा है कि श्रमिकों को उनकी ही बस्ती में उनके द्वार के नजदीक सारी चिकित्सकीय सुविधाएं मिले। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व महापौर नीरज पाल के मंशानुरूप आयुक्त प्रकाश सर्वें ने जोन के विभिन्न वार्डों के लोगों को इस योजना का लाभ दिलाने वार्डों में मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर लगवा रहे हैं।

निगम का स्वास्थ्य विभाग मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत मोबाइल मेडिकल युनिट श्रमिक बस्तियों में जाकर अपनी चिकित्सकीय सेवा लगातार दे रही है। इसमें सभी वर्ग व उम्र के लोग अपनी बस्ती में अपने घर के समीप लगे कैंप में आकर निःशुल्क जांच कराकर दवाइयां ले रहे हैं। इस योजना का अच्छा प्रतिसाद भी मिल रहा है।

आयुक्त प्रकाश सर्वे ने आज मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य शिविर के तहत वार्ड 5 कोसा नगर में लगाए गए दाई-दीदी क्लीनिक का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मोबाइल मेडिकल यूनिट की दी जा रही सुविधा, दवाई आदि की जानकारी ली और शिविरों में अधिक से अधिक मरीजों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। दाई-दीदी क्लीनिक में किशोरी बालिकाओं व माताओं के हीमोग्लोबिन की जांच की गई। इसमें जांच कराने के लिए बालिकाओं को प्रोत्साहित किया गया।

वहीं जोन 3 क्षेत्र के वार्ड 35 शारदापारा के आशादीप काॅलोनी व जोन 2 वैशाली नगर के प्रेम नगर में भी मोबाइल मेडिकल यूनिट के स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। कोसा नगर में 101 किशोरी व माताओं, आशादीप में 102 व प्रेम नगर में 101 लोगों ने उपचार कराया। आज लगे तीनों शिविर में कुल 304 लोगों ने इलाज कराए।

193 लोगों को निःशुल्क दवाइयां दी गई। लैब जांच 64 लोगों ने कराई। इसमें सर्दी के 30, खांसी के 16, ब्लड प्रेशर जांच 16, बुखार के 05, शुगर जांच के 19, कमर दर्द के 8., हाथ-पैर दर्द के 55 के, खुजली के 24 , गैस के 8 पेट दर्द के 3, कमजोरी के 10 सहित अन्य के 59 मरीज पहुंचे थे। आज के शिविरों में चिकित्सक अनु दुबे, देवेश पंसारी, निशी मिंज, नर्स विमला टंडन, मंजू राजपूत, लैब टैक्नीशियन अमरीका कुर्रे, तारा देशमुख, निखिल कश्यप, फार्मासिस्ट इंदु राय, दीप बोरकर व यशवंत कुंभकार आदि ने सेवा दी।

इस प्रकार 2 नवंबर से आज 12 अप्रैल तक 1268 कैम्प लगाए गए। 97217 मरीजों ने उपचार कराए। 17480 मरीजों ने लैब में टेस्ट करवाए व 88803 मरीजों को दवा का निःशुल्क वितरण किया गया। वहीं 4320 मरीजों का श्रम विभाग में पंजीयन किया गया व इस विभाग में मरीजों के पंजीयन प्रकरण के लिए 2608 आवेदन प्राप्त हुए।

दाई-दीदी क्लीनिक के 407 शिविर  में 29924 मरीजों ने उपचार कराया। लैब टेस्ट 5111 लोगों ने कराया। इसके तहत 27950 लोगों को निःशुल्क दवा का वितरण किया गया। कुल मरीजों के स्वास्थ्य लाभ की बात करें तो 116753 लोगों ने अब तक इलाज कराया है। इस तरह औसत मरीजों की संख्या दाई-दीदी क्लीनिक में औसत 74 व सामान्य शिविरों में 77 रही।