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जिले अस्पताल में आदिवासी बेरोजगारों को नौकरी देने के नाम से पैसे लेने का मामला तूल पकड़ा

जिले अस्पताल में आदिवासी बेरोजगारों को नौकरी देने के नाम से पैसे लेने का मामला तूल पकड़ा

दंतेवाड़ा, 22 फरवरी। दंतेवाड़ा जिले अस्पताल में आदिवासी बेरोजगारों को नौकरी देने के नाम से पैसे लेने का मामला तूल पकड़ा। दंतेवाड़ा जिला के अंदरूनी क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण युवा बेरोजगार रोजगार की तलाश में जिला अस्पताल पहुंचे थे जिसके बाद उनकी मुलाकात देवेंद्र साहु हुई जो 2019 में जीवनदीप स्वच्छता निरीक्षक पद पर कार्यरत था ।

जिसने युवा भोले भाले आदिवासी से नौकरी ना लगाने के नाम से  लाखों रुपए लिए लिए और पूरे साल भर तक नौकरी लगाने के नाम पर गुमराह किया परंतु किसी की नौकरी नहीं लग पाई और देवेंद्र साहू अपनी नौकरी छोड़कर रायपुर फरार हो गया युवा बेरोजगार आज भी जिला अस्पताल के चक्कर मार कर उसे ढूंढ रहे हैं देवेंद्र साहू ने बेरोजगार युवाओं को जो फोन नंबर दिया था वह बंद वह स्विच ऑफ बताता है जिसकी वजह से उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा युवा बेरोजगारों ने अब मन बना लिया है कि जिसकी शिकायत दंतेवाड़ा कोतवाली में की जाएगी।

युवा बेरोजगार बताते हैं कि नौकरी लगाने के नाम पर किसी से डेढ़ लाख तो किसी से ₹200000 लिया गया है जो हमने कर्जा बाड़ी वह जमीन बेच कर दिए हैं इसके तार उच्च अधिकारियों से लेकर नीचे बाबू तक बताए जा रहे हैं जिन्होंने इन बेरोजगारों को चुटिया बना कर पैसे लिए हैं।

वर्तमान में जिन्होंने पैसे दिए हैं अभी भी 2 कर्मचारी जिला अस्पताल में कार्यरत है जिन्हें आज तक वेतन नहीं मिला परंतु कार्य कर रहे हैं आदिवासी बेरोजगार  युवा या चाहते हैं कि उनकी नौकरी लगाई जाए या तो उन्होंने जो पैसा देवेंद्र साहू को दिया है वह वापस मिले। 

पैसे के दम पर बिना योग्यता के आज भी कई कर्मचारी बाबू की हॉट सीट पर बैठे हुए हैं जिनका वर्तमान पद कुछ और ही है कर्मचारियों की योग्यता को गाली जाए तो कई ऐसे कर्मचारी निकलेंगे जिनके पास ना तो अनुभव है ना ही आदेश की कॉपी।