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Breaking : चेम्बर आफ कामर्स में हंगामा..नई टीम की बैठक में पहुंचे एकता पैनल के राजेश वासवानी को होना पड़ा अपमानित..पारवानी बोले, 'ऐसी ही हरकतों के कारण व्यापारियों ने इन्हें खारिज किया'

Breaking : चेम्बर आफ कामर्स में हंगामा..नई टीम की बैठक में पहुंचे एकता पैनल के राजेश वासवानी को होना पड़ा अपमानित..पारवानी बोले, 'ऐसी ही हरकतों के कारण व्यापारियों ने इन्हें खारिज किया'

रायपुर. छत्तीसगढ़ चेम्बर आफ कामर्स में आज जोरदार हंगामा हो गया. प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी ने आज निर्वाचित और नवनियुक्त टीम की बैठक चेम्बर भवन में आयोजित की थी जिसमें अचानक विपक्षी व्यापारी एकता पैनल के राजेश वासवानी, लालचंद गुलवानी और प्रकाश लालवानी पहुंचे और हंगामा खड़ा कर दिया. उसके बाद राजेश वासवानी और उनके साथियों को उलटे पैर भागना पड़ा.

सूत्रों के मुताबिक प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक चल ही रही थी कि बिना बुलाए पहुंचे ये तीनों पदाधिकारी सभा के बीच से ही अपनी बात रखने पर जोर देने लगे. मंच संचालकों ने उनसे सभी की तरह अपनी ही जगह पर खड़े होकर बोलने का आग्रह किया गया मगर चेम्बर अध्यक्ष अमर पारवानी ने उन्हें स्वयमेव मंच पर आमंत्रित कर लिया. उसके बाद राजेश वासवानी मंच पर बैठने की जिद करने लगे जिससे मंच संचालकों ने इंकार कर दिया. उसके बाद तू तू मैं मैं शुरू हो गई.

सूत्रों ने बताया कि जैसे—तैसे वासवानी को अपनी बात रखने का मौका मिला तो वे आर्थिक गड़बड़ियों का आरोप लगाने लगे. इसके बाद कई वरिष्ठ सदस्य उत्तेजित हो गए. उन्होंने वासवानी और टीम को खासी डांट लगाई. वासवानी का आरोप था कि आर्थिक गड़बड़ियां की जा रही हैं. इस पर अमर पारवानी ने कहा कि चुनाव के बाद पहली बार निर्वाचित और नियुक्त पदाधिकारियों के टीम की बैठक बुलाई गई है.

पारवानी के मुताबिक एकता पैनल की पूर्व की टीम चेम्बर पर 22 लाख का ओवरडयूज छोड़कर गई थी लेकिन हमने उसे ना सिर्फ पूरा किया बल्कि कोविडकाल से गुजरते हुए 11 लाख की रकम भी जुटा ली. साथ ही आफिस में नई लिफट लगवाई, आफिस भी बनाया है. इससे मालूम चलता है कि हम किस विजन के साथ चेम्बर को आगे ले जाना चाहते हैं.

लेकिन राजेश वासवानी और उनके गुट के लोग आरोप लगाते रहे. अंतत: मंच संचालकों ने वासवानी को हाथ पकड़कर नीचे उतार दिया.
चेम्बर के पदाधिकारियों ने कहा ​कि इस तरह की दादागिरी ठीक नही है. ऐसी ही हरकतों की वजह से एकता पैनल को व्यापारियों ने खारिज कर दिया लेकिन इनकी हार की खीझ अभी भी नही मिटी है और ये काम नही करने देना चाहते. बहरहाल एकता पैनल ने इस हस्तक्षेप के बाद जता दिया है कि वे चेम्बर में अपनी भूमिका इतनी आसानी से नही छोड़ना चाहते.