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कोविड 19 मरीजों की जान बचाने में डॉ. गौरव जैन वरदान साबित हुए

कोविड 19 मरीजों की जान बचाने में डॉ. गौरव जैन वरदान साबित हुए

 दीपक साहू   

अपनी जान की परवाह किए बगैर संक्रमित मरीजों की बचाई जान                                                                        

  राजनांदगांव । कोविड-19 मरीजों की जान बचाने में डॉ. गौरव जैन एमबीबीएस वरदान साबित हुआ, अपनी जान की परवाह किए बगैर संक्रमित मरीजों की जान बचाई वे लखोली जनता कॉलोनी का रहने वाला है, कोविड-19 के प्रथम चरण और द्वितीय चरण में शहर सहित राजनांदगांव जिले में बने कोविड सेंटर में जाकर मरीजों के ट्रीटमेंट व देखभाल करते हुए उन्हें मौत के मुंह से निकालने में हर संभव प्रयास किया, जिससे बहुत से कोविड-19 मरीज ठीक हुए हैं। दैनिक पहट से खास मुलाकात में  चर्चा के दौरान डॉ. गौरव जैन एमबीबीएस ने बताया कि जिले के सभी ब्लाकों में बनाए गए कोविड केयर सेंटर पेण्डी स्थित कोविड -19 हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल, उदयाचल धमार्थ चिकित्सालय, सिंधु भवन, डोंगरगांव, चौकी, खैरागढ़, गंडई, मोहला मानपुर के अलावा होम आइसोलेशन में रहकर 600 से 700 मरीजों का उपचार किया और लगभग सभी मरीजों ने स्वास्थ्य लाभ लिया, इलाज में ऑक्सीजन लेबल 70 तक पहुंच जाने वाले मरीज भी ठीक हुए जिन्होंने अपने जीने की उम्मीद छोड़ दी थी, उन्हें भी मौत के मुंह से खींच लाये हैं, सबसे पहले डोंगरगांव कोविड केयर सेंटर में 15 ऐसे मरीजों का केस सामने आया जिनका सिटी स्केन में 80 फीसदी निमोनिया बता रहा था, ऑक्सीजन लेबल भी 70-75 तक था, विधायक दलेश्वर साहू के बुलावे पर वे वहां गए और मरीजों का इलाज किया, सभी तंदुरुस्त हो गए, किसी को भी हायर सेंटर रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ी, उदयाचल धर्मार्थ चिकित्सालय में 350 मरीज भर्ती हुए जिनमें से 50-60 सीरियस भी हुए, इनका भी निमोनिया 80 फीसदी था, ओपीडी में करीब 150 से 200 मरीजों को सलाह दी और उनका उपचार किया, 70-80 होम आइसोलेशन के मरीजों को उनके घर जाकर देखा और उनका इलाज कर उन्हें ठीक किया, ऑक्सीजन लेबल पर लाने के लिए रेमडेसिविर की मांग हो रही थी, उन्होंने इतने मरीजों का इलाज किया किंतु किसी को भी यह इंजेक्शन नहीं लगाया, लोग कोरोना होने पर उसे दबाते हैं, बाद में यही घातक साबित होता है, इसलिए लक्षण नजर आते ही डॉक्टर से संपर्क करें, अप्रैल में कुछ जवान संक्रमित हुए उन जवानों को इंजेक्शन लगाकर त्वरित उपचार किया, होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों में से जिनकी तबीयत ज्यादा खराब थी, उन्हें उनके घर पर ही ऑक्सीजन सिलेंडर लगवाया और उनका इलाज किया, उनके लिए सबसे मुश्किल की घड़ी थी उनके पिता श्री मोहनलाल जैन का संक्रमित होना, उनका भी ऑक्सीजन लेबल 65 तक आ गया था, उन्होंने अपने पिता का इलाज तो किया साथ ही साथ उन मरीजों का भी ध्यान रखा जिन्हें वे देख रहे थे, समय निकालना मुश्किल था, इस दौरान उन्होंने रात के एक से डेढ़ बजे तक काम किया और उनकी मेहनत रंग लायी उनके पिता ठीक हो गए साथ ही साथ सभी मरीज भी स्वस्थ हो गए।                                                                             

जैन ने आगे बताया कि लापरवाही बढ़ी तो कोरोना की तीसरी लहर भी आ सकती है, लेकिन तीसरी लहर से बचने के लिए सभी को वैक्सीन लगाना बहुत ही आवश्यक है, तभी हम सब मिलकर करोना जैसे भयंकर बीमारी को मात देकर तीसरी लहर से बचने में आसानी होगी, सभी संस्थाओं के द्वारा उन्हें सम्मान भी किया गया, उन्हें पंजाब, दिल्ली और हिमाचल में सेलिब्रिटी के रूप में बुलाया गया था, जिसमें उनके विचारो को पसंद किया गया, यूट्यूब में टेढ़ेक्स कंपनी एक बड़ा प्लेटफार्म में उन्हें आने वाले माह के लिए आमंत्रित किया गया है, वे कोविड-19 मरीजों को सिर्फ एक ही सलाह देते हैं, जैसे कि जज़्बात, ज़िद और फिर जिंदगी यही है, मूलमंत्र लोगों को कोविड-19 से डरना नहीं है, बल्कि उनका मुंह तोड़ जवाब देना।