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शीर्ष अदालत को प्रभावित करने के लिए बैरिकेड हटाए गए : किसान मोर्चा

शीर्ष अदालत को प्रभावित करने के लिए बैरिकेड हटाए गए : किसान मोर्चा

नयी दिल्ली।  संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय को प्रभावित करने के लिए सीमाओं पर लगे बैरिकेड को हटाया जा रहा है और इससे साबित हो गया कि पुलिस ने ही रास्ता रोक रखा था।

संयुक्त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर शुक्रवार को बताया कि कल से दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ सड़कों पर लगाए गए बैरिकेड्स और विभिन्न अन्य बाधाओं को हटाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है।

ऐसा टिकरी मोर्चा के साथ-साथ गाजीपुर मोर्चा पर भी हो रहा है। यह सर्वविदित है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ ऐसा व्यवहार किया है जैसे कि वे भारत के दुश्मन हैं और देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं।

पुलिस ने विशाल सीमेंट बोल्डर, धातु के बैरिकेड्स की नौ परतें, सड़कों पर रेत के ट्रक लगाकर और सड़क पर कीलों की कई परतों को ठोक कर मोर्चा स्थल को किलेबंद किया है। उन्होंने कहा कि जाहिर तौर पर शीर्ष न्यायालय को प्रभावित करने के लिए, इन बैरिकेड्स को आंशिक रूप से हटाने का काम किया जा रहा है। एसकेएम इन घटनाओं पर नज़र रखे हुए है, और भाजपा सरकार के युद्धाभ्यास को देख रहा है।

एसकेएम नेताओं ने यह भी कहा कि विरोध करने वाले किसान सही साबित हुए हैं । यह पुलिस है जिसने सड़कों को अवरुद्ध किया है और किसानों ने नहीं है । यही किसानों ने पहलें भी समझाने की कोशिश की थी। प्रदर्शनकारियों ने पहले भी यातायात की जगह दी थी और अब भी ऐसा ही किया जा रहा है ।

संयुक्त किसान मोर्चा एक बार फिर मांग की है कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड की जांच सीधे उच्चतम न्यायालय के मातहत की जानी चाहिए