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उपचुनाव के परिणाम ने भाजपा की बैचेनी बढ़ा दी : 2022 विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी में होगा गहरा मंथन

 उपचुनाव के परिणाम ने भाजपा की बैचेनी बढ़ा दी : 2022 विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी में होगा गहरा मंथन

नई दिल्ली। हाल ही में कुछ राज्यों में हुए उपचुनाव के परिणाम ने भाजपा की बैचेनी बढ़ा दी है। इस झटके से सबक लेते हुए भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी रविवार को एक छत में जुटेगी।

इस बैठक में पीएम मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई नेता उपस्थित होंगे। कोरोना महामारी में ऐसा पहली बार होगा, जब राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सभी को उपस्थित होने के लिए कहा गया है।

पार्टी के एक नेता ने बताया कि रविवार को आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर चर्चा की जाएगी। साथ ही पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के मामलों पर भी नए सिरे से विचार हो सकता है।

सात नवंबर को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी एक बैठक करने जा रही है। इस बैठक में मुख्य मुद्दा आगामी विधानसभा चुनाव है। बैठक के बारे में पूछे जाने पर भाजपा के एक नेता ने कहा कि सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। 

उन्होंने कहा कि इसमें टीकाकरण अभियान सहित कोविड-19 महामारी से निपटने के तौर तरीकों को लेकर पार्टी केंद्र सरकार की प्रशंसा कर सकती है और विकास पहल एवं सफल विदेश यात्रा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करेगी।

भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में महामारी के कारण गिरावट के बाद पिछले महीने रिकार्ड जीएसटी संग्रह के साथ आर्थिक गतिविधियों के पटरी पर लौटने के बारे में भी चर्चा होने की संभावना है। पिछले वर्ष कोरोना वायरस महामारी फैलने के बाद पहली बार यह बैठक आयोजित हो रही है, जिसमें सभी की उपस्थिति मानी जा रही है।

माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में समापन भाषण देंगे। वे अगले वर्ष उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव में जीत का मंत्र देंगे।  एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के भाषण से शुरू होगी।

भाजपा ने अपनी सभी राज्य इकाइयों को भेजे पत्र में कहा है कि राष्ट्रीय पदाधिकारी, केंद्रीय मंत्री और दिल्ली के नेता जो राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं, वे सात नवंबर को एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में बैठक में भाग लेंगे।

हाल ही में 13 राज्यों की 29 विधानसभा सीटों एवं 3 लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के परिणामों पर निराशाजनक प्रदर्शन से भाजपा का शीर्ष नेतृत्व नाखुश है।  हिमाचल प्रदेश में भाजपा सत्ता में है, ऐसे में एक सीट पर लोकसभा चुनाव और तीन विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत ने भाजपा के समक्ष चिंता पैदा कर दी है।

भाजपा ने उपचुनाव में असम में शानदार प्रदर्शन किया और सहयोगी दलों सहित पांचों सीटों पर जीत दर्ज की। मध्यप्रदेश में भाजपा ने एक लोकसभा सीट और दो विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की।

छोटे से छोटे जनादेश को महत्व देने वाली भाजपा का नेतृत्व इस बैठक में पश्चिम बंगाल से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की जा सकती है, जहां 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी का ग्राफ नीचे गिर रहा है।

वहीं, हाल के उपचुनाव में हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। मोदी सरकार ने सुधार करते हुए पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में कमी की तथा इसके बाद भाजपा शासित राज्यों ने ईधन पर मूल्य वर्धित कर में कटौती कर लोगों को राहत देने का काम किया।