breaking news New

फर्जी दस्तखत मामलाः मैंने अपनी जमीन उसे कब बेची- माहगु पांडे

फर्जी दस्तखत मामलाः मैंने अपनी जमीन उसे कब बेची- माहगु पांडे


नारायणपुर, 5 अप्रैल। जिले के कुम्हारपारा निवासी माहगु पांडे की अशिक्षा का फायदा उठाते हुए तहसील कार्यालय से 13 साल पहले वर्ष 2008 में दो व्यक्तियों के नाम से रजिस्ट्री में दस्तखत करवा लिया गया जिसकी जानकारी माहगु पांडे को उसकी जमीन पर मकान बनाना शुरू होने पर पता चला । माहगु का कहना है कि उसने गोविंद शाह को अपनी 30 डिसमिल जमीन बेची थी लेकिन मेरी बची जमीन पर कोई दूसरा व्यक्ति आकर मकान बनाने लगे तब पता चला कि उस समय मुझसे दो लोगो के नाम से दस्तखत करवाया गया जो कि नोहर सिंह पिता कुंज बिहारी देवांगन सोनपुर रोड़ निवासी नारायणपुर पता मेरे पास पड़े पट्टे में अंकित है जिसमें तहसीलदार के हस्ताक्षर भी नहीं है।


 जिसकी शिकायत लगभग 20 दिन पहले तहसीलदार कार्यालय , कलेक्टर कार्यालय सहित एसडीएम कार्यालय में भी दिया गया लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है । तहसील जाकर प्रधान जी से पूछने पर रजिस्ट्री कागज नही मिल रहा है बोलते है मेरे अशिक्षा का फायदा उठाने वाले के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई और मेरी तरह ना इंसाफ पाने के लिए इस तरह शासकीय कार्यालयों के चक्कर ना काटना पड़े । वही सोनपुर रोड़ में जब नोहर सिंह पिता कुंज बिहारी देवांगन नाम के व्यक्ति के बारे में पतासाजी की गई तो आसपास के निवासियों ने इस नाम के व्यक्ति को नहीं पहचाने की बात कही जो कि तहसील कार्यालय से गड़बड़ी की ओर इशारा करता नजर आ रहा है।


 माहगु पांडे , जमीन मालिक ने बताया कि वर्ष 2008 में गोविंद शाह को उन्होंने अपनी जमीन में से 30 डिसमिल जमीन बेची थी जिसकी रजिस्ट्री 24 दिसम्बर 2008 को की गई थी उसी दिन नोहर सिंह पिता कुंज बिहारी देवांगन सोनपुर रोड़ निवासी के नाम से रजिस्ट्री होने की जानकारी मुझे 13 साल बाद जब मेरी बची हुई जमीन पर घर बनने से जानकारी हुई । मेरी अशिक्षा का फायदा उठाकर 13 साल पहले मुझसे 2 रजिस्ट्री में हस्ताक्षर करा लिया गया है । अब इंसाफ मांगने के लिए तहसील , कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रहा हूं मुझे मेरी जमीन वापस चाहिए और नोहर सिंह पिता कुंज बिहारी देवांगन कौन है जिसे मैं जानता तक नहीं उसे मेरे सामने लाकर पूछा जाए कब मैंने अपनी जमीन उसे बेची ।