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CHHATTISGARH: महिला सशक्तिकरण में लगे चार चाँद

CHHATTISGARH: महिला सशक्तिकरण में लगे चार चाँद

नवरत्न पराशररायपुर 

छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद पहली बार एक साथ पांच महिला अधिकारी आईएएस कैडर में शामिल हुई है।  छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की  2003 बैच के पांच डिप्टी कलेक्टर तुलिका प्रजापतिप्रियंका महोबियाजयश्री जैनडॉ. फरिहा आलम सिद्दिकी और चंदन संजय त्रिपाठी एक साथ चयनित हुई है। गत दिनों संघ लोक सेवा आयोग से हुई डीपीसी से सात डिप्टी कलेक्टरो को आईएएस अवार्ड हुआ जिसमे पांच महिलाए शामिल है।  भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ कैडर के लिए 150 आईएएस स्वीकृत है,जिनमे से 29 महिला आईएएस पदस्त हैअब पांच नई आईएएस को मिला कर आकड़ा 34 पहुँच गया है। इनमे से ऋचा शर्मानिधि छिब्बरनिहारिका बारिक और ऋतू सेन छत्तीसगढ़ से बहार हैभारत सरकार में प्रति नियुक्ति पर है। निधि छिब्बर जॉइंट सेक्रेटरी है मिनिस्ट्री ऑफ़ डिफेन्स में ,ऋचा शर्मा जॉइंट सेक्रेटरी मिनिस्ट्री ऑफ़ एनवायरनमेंट में पदस्त है। छत्तीसगढ़ साशन में वर्त्तमान में ACS के पद पर रेणु पिल्लै तथा ग्राम उद्योग की प्रमुख सचिव के पद पर मनिंदर कौर द्विवेदी पदस्थ है।

छत्तीसगढ़ आईएएस कैडर में शामिल हुई डॉ. फरिहा आलम सिद्दिकीचन्दन त्रिपाठीतूलिका प्रजापतिजयश्री जैनप्रियंका महोबिया विवाहिता है और प्यारे प्यारे बच्चो की माँ है और अपनी पारिवारिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी को बखूबी निभाने वाली ये अधिकारी जहा भी पदस्त रही है वहां पर उन्होंने अपने काम और व्यवहार से विशिष्ट छाप छोड़ी है। वर्त्तमान में तूलिका प्रजापति (सीईओ जिला पंचायत कोरिया बैकुंठपुर)डॉ. फरिहा आलम सिद्दिकी (सीईओ जिला पंचायत बलौदाबाजार)प्रियंका महोबिया (अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कोरबा)जयश्री जैन (डिप्टी सीईओ के पद पर छत्तीसगढ़ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी)चंदन संजय त्रिपाठी (अपर संचालक उच्च शिक्षा संचनालय) में पदस्थ है। 

छत्तीसगढ़ से आईएएस के सात पदो के लिए 21 डिप्टी कलेक्टरों के नाम भारत सरकार को भेजे गए थे। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद हुए पीएससी में 2003 की पीएससी बहुत विवादस्पद रही।  इस बैच के अधिकारिओ की की चयन सूचि हाई कोर्ट ने निरस्त कर दी मगर अधिकारिओ को सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिल गया है।  पीएससी में डिप्टी कलेक्टर बनने से वंचित रही वर्षा डोंगरे ने डीओपीटी और यूपीएससी में जाकर फरियाद की थी कि इन्हें आईएएस न अवार्ड किया जाए। लेकिनछत्तीसगढ़ से गए अफसरों ने डीपीसी में तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिला हुआ है और स्टे में प्रमोशन नहीं रोका जा सकता। इसके बाद इस शर्त पर डीपीसी ने पीएससी 2003 बैच के सात डिप्टी कलेक्टरों को आईएएस अवार्ड के लिए पात्र मांग कर अनुशंसा की गई है।

 छत्तीसगढ़ कैडर में शामिल महिला अधिकारिओ की अद्यतन जानकारी के अनुसार रेणु जी पिल्लै (बैच-1991)ऋचा शर्मा (बैच-1994)निधि छिब्बर(बैच-1994)डॉ मनिंदर कौर द्विवेदी (बैच-1995)डॉ एम गीता(बैच-1997)निहारिका बारीक़ (बैच-1997)शहला निगार (बैच-2001)रीता शांडिल्य (बैच-2002)कंगाले रीना बाबासाहेब (बैच-2003)ऋतू सेन (बैच-2003)संगीता पी (बैच-2004)अलरमेलमंगई डी (बैच-2004)जिनेविवा किंडो (बैच-2004)आर. संगीता (बैच-2005)श्रुति सिंह (बैच-2006)शम्मी अबिदी (बैच-2007)शिखा राजपूत तिवारी (बैच-2008)शारदा वर्मा (बैच-2008)डॉ प्रियंका शुक्ल (बैच-2009)किरण कौशल (बैच- 2009)रानू साहू (बैच- 2010)इफ़्फ़त आरा (बैच-2012)दिव्या उमेश मिश्रा (बैच -2012)पुष्पा साहू (बैच-2012)नम्रता गाँधी (बैच-2013)ऋचा प्रकाश चौधरी (बैच-2014)नूपुर राशि पन्ना (2015)नम्रता जैन (2019)रेना जमील (2019) छत्तीसगढ़ कैडर में कार्यरत है।