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इंदौर में तीन दिवसीय भारतीय पत्रकारिता महोत्सव प्रारंभ, जनधारा के प्रधान संपादक सुभाष मिश्र मीडिया की लक्ष्मण रेखा पर रखेंगे अपने विचार

इंदौर में तीन दिवसीय भारतीय पत्रकारिता महोत्सव प्रारंभ, जनधारा के प्रधान संपादक सुभाष मिश्र मीडिया की लक्ष्मण रेखा पर रखेंगे अपने विचार

रायपुर, 19 फरवरी। स्टेट प्रेस क्लब,मध्यप्रदेश इंदौर का बहुप्रतिष्ठित आयोजन भारतीय पत्रकारिता महोत्सव की शानदार शुरुआत आज से इंदौर के रविन्द्र नाट्यगृह में हुई। तीन दिनों तक आयोजित इस बौद्धिक प्रतिष्ठान में पत्रकारिता, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर रोजाना टॉक-शो, परिचर्चा, परिसंवाद आदि मंथन कार्यक्रम में होंगे। यह आयोजन पत्रकारिता की दिग्गज हस्तियां राहुल बारपुते, राजेन्द्र माथुर, प्रभाष जोशी, माणकचंद वाजपेयी एवं शरद जोशी को समर्पित है । पत्रकारिता के इस महाकुंभ में देशभर के 300 से अधिक मीडियाकर्मी शामिल हो रहे हैं जिसमें प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार एवं विभिन्न महाविद्यालयों में अध्ययनरत् शोधार्थी छात्र भी शामिल है।


इस महाकुंभ में  जनधारा के प्रधान संपादक सुभाष मिश्र को भी आमंत्रित किया गया है। वे शनिवार को मंथन कार्यक्रम के अंतर्गत मीडिया की लक्ष्मण रेखा पर अपने विचार रखेंगे। सुभाष मिश्र लगातार पिछले एक वर्ष से समसायिक विषयों पर नियमित संपादकीय लिख रहे हैं। मार्च 2020 से कोरोना काल में तीन सौ से अधिक संपादकीय लिख चुके सुभाष मिश्र कला साहित्य संस्कृति के क्षैत्र से जुड़े हुए हैं। अभी तक मीडिया और रंगमंच से संबंधित उनकी  4 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। कोरोना काल में लिखे लेखों की पुस्तक भी शीघ्र प्रकाशित होने जा रही है ।अविभाजित मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित जनसंपर्क विभाग में सहायक संचालक के रूप में पांच साल तक सेवा दे चुके सुभाष मिश्र इंदौर , स्कूल आफ जर्नलिज्म पर भी अपने अनुभव साझा करेंगें ।

स्टेट प्रेस क्लब,मध्यप्रदेश के अध्यक्ष अध्यक्ष प्रवीण कुमार खारीवाल एवं संयोजक सुदेश तिवारी ने बताया कि मंथन कार्यक्रम में रोजाना मीडिया की लक्ष्मण रेखा, देश की प्रगति और मीडिया, टूटता भरोसा, बढ़ता गुस्सा, महिला मुद्दे और मीडिया, भविष्य की मीडिया शिक्षा एवं कोरोना काल और पत्रकारिता विषय पर टॉक शो हो रहे हैं । इस प्रतिष्ठित आयोजन में मीडियाकर्मियों का सम्मान फैशन फोटोग्राफी पर वर्कशॉप आयोजित की गई है । तीनों दिन तीसरे प्रेस आयोग की मांग पर विभिन्न पत्रकार संगठन गंभीर चिंतन करेंगे। रोजाना रात्रि को 8 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम रखें गये हैं । इस मौके पर मीडिया की लक्ष्मण रेखा विषय पर केन्द्रित स्मारिका का प्रकाशन भी होगा।