breaking news New

जंगल के बीच रहने को मजबूर ग्राम सढोली से निष्कासित परिवार

 जंगल के बीच रहने को मजबूर ग्राम सढोली से निष्कासित परिवार

 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला मुख्यालय से मात्र 4 किलोमीटर की दूरी पर एक ग्राम के एक परिवार को पी पिछ्ले दो वर्षों से केवल इस लिए ग्राम से बहिष्कृत किये की उनके द्वारा अपने सढोली ग्राम के घर मे बनने वाले अहता को दो फिट आगे कर दिए थे।

जिसमे जानाकरी के अनुसार जिला मुख्यालय से चार किलोमीटर दूर ग्राम सढोली निवासी श्रवण कश्यप का स्वयं का मकान जो लगभग 50 वर्ष से अधिक समय से बसा हुआ है ,और वो अपने परिवार जिसमे चार बेटी और दो बेटे के साथ निवास करता था,जो बीते दो वर्ष पूर्व अपने घर के सामने अहता का निर्माण कर रहा था उसी दौरान अहता को दो फिट आगे बढा दिया ।

इस बात को ग्राम कुछ लोगो के द्वारा ज्यादा तूल देते हुए उस परिवार को ग्राम से ही बहिष्कृत कर दिए,और इस निर्णय के साथ ही उस परिवार का ग्राम में किसी के घर कार्य करना दुकानों से लेना देना और बातचीत बन्द कर दिए । इससे पीडि़त श्रवण कश्यप का परिवार ग्राम छोडऩे मजबूर हो गए और गाँव से तीन किलोमीटर जंगल अंदर जो उस परिवार को वन भूमि अधिकार पट्टा प्रदान किया गया है

वहा रहने मजबूर है। आज स्थिति यही की पीडि़त परिवार जो अपने चार बेटी और दो बेटे के साथ जंगल के गुजर बसर करने मजबूर है ,वही उक्त ब्यक्ति के द्वारा अपनी एक बेटी का विवाह हो जाने की बात बताया गया। साथ ही बताए कि उन्हें जि़ला मुख्यालय आना होता है तो उस सढोली ग्राम को छोड़ अन्य मार्ग से होकर आनाजाना पड़ता है।वही उन्होंने बताया की इस समस्या को लेकर उनके द्वारा हाइकोर्ट में अपील भी किया गया है ,जिसमे सुनवाई चल रहा है।