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गरियाबंद अवैध रेत और मुरुम खनन पर कार्यवाही

गरियाबंद अवैध रेत और मुरुम खनन पर  कार्यवाही

गरियाबंद । छत्तीसगढ़ राज्य मेंं अवैध रेत उत्खनन का अखबारों में प्रकाशित हो रहा हैं और हर दिन नया मामला प्रकाश में आता है। वहीं गरियाबंद के नये जिला प्रशासन के मुखिया समय सीमा के बैठक में अवैध रेत और मुरुम खनन पर  कार्यवाही करने के लिए कहते है पर जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों को बोलने पर भी कोई असर दिखाई नहीं पड़ रहा है। शायद संबंधित अधिकारी मुखिया के बातो का कोई असर नही पड़ता। ये मामला हैं गरियबन्द जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत भुंजियामुड़ा का ग्राम के सरपंच के द्वारा बकायदा एक पर्ची छपवा कर दो सौ रुपये हर ट्रेक्टर से रेत के नाम से वसूली किया जा रहा है जिसका हिसाब किताब किसके पास है और किस अधिकार से वसूली किया जा रहा है यह तो जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी और सरपंच ही बता सकते हैं। शासकीय योजनाओं और निजी कार्यों में चल रहे निर्माण कार्य पर रेत का परिवहन किया जा रहा है और 200 रुपये का प्रति ट्रेक्टर वसूली किया जा रहा है। जबकि यह वसूली बहुत दिनों से निरंतर जारी है। जबकि न कोई उस उस पंचायत को रेत खदान आबंटित है और ना ही पंचायत को वसूली का अधिकार। फिर भी रेत परिवहन का आसपास के ट्रेक्टरों से वसूली किया जा रहा है। जो जाँच से स्थिति स्पष्ट हो जायेगा। वही जिला प्रशासन के अधिकारियों की सांठगांठ को नहीं नकारा जा सकता।

जिला मुख्यालय और जनपद पंचायत गरियाबंद के ग्राम पंचायत भुंजियामुड़ा में न रेत घाट फिर भी रेत खनन के लिए पंचायत का वसूली जारी हैं। रेत परिवहन के वसूली करने का अधिकार किस आदेश के तहत सरपंच को मिला? क्या जिला खनिज विभाग और प्रशासन की संलिप्तता की ओर इशारा करता हैं ग्राम पंचायत सरपंच का सील और दस्तखत किया गया पर्ची सरपंच रेत परिवहन चला रहे हैं, शासन और प्रशासन के नाक के नीचे । वर्तमान स्थिति में जिला प्रशासन के मुखिया हर समय सीमा बैठक में बार बार कठोर कार्यवाही के लिए आदेश जारी कर रहे हैं मगर जिला प्रशासन चुप और सरपंच का वसूली जारी हैं। भुंजियामुड़ा पंचायत द्वारा वसूली करना अवैधानिक है इससे स्पष्ट हो रहा है कि, सरकारी तंत्र का मिलीभगत संलिप्तता जाहिर है ।