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नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन

 नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन

गरियाबंद। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के आदेशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर  अरविन्द कुमार वर्मा के निर्देश पर अपर जिला एवं सत्र न्यायालय गरियाबंद तथा राजस्व जिला गरियाबंद के राजस्व न्यायालयों में 10 जुलाई, दिन शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। उक्त लोक अदालत हेतु अपर जिला एवं सत्र न्यायालय गरियाबंद में दो खण्डपीठों का गठन किया गया था। वहीं राजस्व न्यायालयों में भी खण्डपीठों का गठन किया गया था। तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष  राजभान सिंह ने बताया कि उक्त लोक अदालत हेतु अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश  अगम कुमार कश्यप की गठित खण्डपीठ में कुल 63 लंबित मामले रखे गये थे, जिनमें 01 आपराधिक प्रकरण और 13 मोटर दुर्घटना से संबंधित प्रकरण कुल 14 लंबित प्रकरणों का निराकरण करते हुए 77 लाख 10 हजार रूपए का अवार्ड पारित किया गया। वहीं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती संजया रात्रे की गठित खण्डपीठ में 374 प्री लिटिगेशन प्रकरण रखे गये थे, जिनमें 11 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 1 लाख 71 हजार 200 रूपए का अवार्ड पारित किया गया। उक्त खण्डपीठ में 190 लंबित आपराधिक प्रकरण, धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम से संबंधित 09 प्रकरण तथा 02 व्यवहारवाद रखे गये थे। जिनमें 68 आपराधिक प्रकरण, 05 परक्राम्य लिखत अधिनियम से संबंधित प्रकरण एवं 01 व्यवहारवाद का निराकरण किया गया और परकाम्य लिखत अधिनियम के मामलों में 1 लाख 15 हजार रूपए का अवार्ड पारित किया गया। साथ ही धारा 188 भारतीय दण्ड संहिता एवं महामारी अधिनियम से संबंधित 06 मामलों आबकारी अधिनियम से संबंधित 04 मालमों यातायात से संबंधित 39 मामलों एवं जुआ एक्ट से संबंधित 03 मामलों, इस प्रकार उक्त खण्डपीठ में कुल 126 लंबित मामले एवं 11 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसी प्रकार राजस्व न्यायालयों में गठित खण्डपीठों में विभिन्न प्रकार के 2762 प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल 52 लाख 98 हजार 956 रूपए का अवार्ड पारित किया गया। उक्त राजस्व प्रकरणों में 2874 व्यक्ति लाभान्वित हुए।  राजभान सिंह ने यह भी बताया कि मति संजया रात्रे की गठित खण्डपीठ में विशेष रूप से ग्राम मुडागांव, थाना छुरा एवं ग्राम नवापारा (भैरा), थाना छुरा की दो बहनों के जमीन विवाद से उत्पन्न मारपीट के आपराधिक मामले का निराकरण किया गया। जिसमें छोटी बहन ने बड़ी बहन के पैर छू कर तथा दोनों बहनों ने गले मिलकर बहनों के वास्तविक रिश्ते को पुन: स्थापित करने की मिशाल कायम की। उक्त लोक अदालत में कोविङ-19 के संक्रमण के कारण शासन द्वारा जारी गाइडलाईन का पालन करते हुए पक्षकारों की भौतिक उपस्थिति एवं वर्चुअल मोड पर प्रकरणों में सुनवाई करते हुए प्रकरणों का निराकरण किया गया।  सिंह ने यह भी बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष  अरविन्द कुमार वर्मा एवं सचिव  उमेश उपाध्याय के द्वारा समय-समय पर दिये गये निर्देशानुसार गठित खण्डपीटों के पीठासीन अधिकारी  अगम कुमार कश्यप एवं श्रीमती संजया रात्रे के द्वारा लोक अदालत के पूर्व से ही संबंधित पक्षकारों एवं अधिवक्तागण से प्री-सिटिंग कर इस लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण हेतु- काफी प्रयास किये गये। इस लोक अदालत को सफल बनाने में खण्डपीठों के पीठासीन अधिकारीगण, अधिवक्ता सदस्यगण और प्रकरणों से संबंधित अधिवक्तागण तथा न्यायालयीन कर्मचारियों एवं राजस्व अधिकारियों तथा कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।