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विधानसभा ब्रेकिंग : सदन में सरकार घिरी, वित्त विभाग की चूक से सत्ता पक्ष घिरा, विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, 'लिखित प्रति में 16 करोड़ छपा है और चर्चा 1600 करोड़ पर चाहते हैं, सही क्या है' फिर सीएम ने दी यह व्यवस्था..?

विधानसभा ब्रेकिंग :  सदन में सरकार घिरी, वित्त विभाग की चूक से सत्ता पक्ष घिरा, विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, 'लिखित प्रति में 16 करोड़ छपा है और चर्चा 1600 करोड़ पर चाहते हैं, सही क्या है' फिर सीएम ने दी यह व्यवस्था..?


अनिल द्विवेदी

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज  अनुपूरक बजट प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में तृतीय अनुपूरक बजट रखना चाहा तो विपक्ष ने गंभीर चूक का मामला उठाया। 

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सनसनी फैलाते हुए कहा कि बजट की लिखित प्रति में गलत आंकड़े दिए गए हैं। इसमें 16 करोड़ लिखा है और चर्चा 1600 करोड़ पर कराने की बात हो रही है। यह गलत है। उन्होंने गलत आंकड़ों के प्रति सरकार का ध्यान आकृष्ट किया और सवाल किया कि गलत आंकड़ों पर बजट में चर्चा कैसे शुरू होगी।

श्री चंद्राकर का आरोप है कि लिखित बजट की प्रतियां बांटी गई है उसमें 16 करोड़ लिखा है जबकि सरकार सोलह सौ करोड़ का अनुपूरक बजट पर चर्चा कराना चाहती है। विधायक ब्रजमोहन अग्रवाल, धरम लाल कौशिक और शिवरतन शर्मा ने भी इसका समर्थन किया है। 

इस पर सत्तापक्ष को सांप सूंघ गया दरअसल वित्त विभाग के अधिकारियों की चूक के चलते, आंकड़ों की गलतफहमी के चलते सरकार की किरकिरी हो गई  

इस पर मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि आंकड़े सुधार कर पढ़ लीजिए। इस पर भाजपा के विधायकों ने आपत्ति दर्ज कराई। सिंहदेव ने भी भाजपा विधायकों को समझाने का प्रयास किया लेकिन भाजपा विधायक अड़े रहे। सरकार को घेरते रहे। 

मंत्री मोहम्मद अकबर ने माना कि कि प्रिंटिंग त्रुटिवश मीटिंग होने के चलते बजट में 1600 करोड़ छप गया है  बृजमोहन अग्रवाल, धरमलाल कौशिक ने भी इसे गंभीर गलती माना। विपक्ष की मांग थी कि 1 मिनट का स्थगन दे दें,  उसके बाद मुख्यमंत्री आए और इस पर व्यवस्था देकर चर्चा शुरू कराएं लेकिन अध्यक्ष की आसंदी पर बैठे उपाध्यक्ष मनोज मंडावी ने इसे मानने से इनकार कर दिया। 

इस ओर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हो हल्ला मचता रहा। सीएम भूपेश बघेल भी आईएएस सुब्रत साहू से सुझाव लेते रहे। 

अंत में श्री बघेल ने खड़े होकर कहा कि 1600 करोड़ की जगह 16 करोड़ पड़ा जाए और इसी पर चर्चा कर्राई जाए। इसके बाद विपक्ष संतूष्ट हुआ और अनुपूरक बजट पर चर्चा शुरू की।

अजय चंद्राकर की टिप्पणी पर विवाद

इसके बाद नया विवाद पैदा हो गया। अजय चंद्राकर ने चर्चा शुरू की तो  अम्बिकापुर के विधायक ने टिप्पणी कर दी कि शुभ शुभ बोला करिए। इस पर चंद्राकर उखड़ गये। उन्होंने कहा कि मै दूसरे तरीके से बात करूंगा तो आपको तकलीफ़ होगी। इस पर सत्ता पक्ष ने इसे धमकी बताया। कड़ा विरोध किया और माफी मांगने को कहा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी कहा कि टिप्पणी गरिमा के अनुकूल नही है। इसके बाद टिप्पणी को सदन से विलोपित कर दिया गया। मामला शान्त हुआ और चर्चा शुरू हुई।