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महापौर विधायक आमने-सामने, बिरगांव निगम में राशन पर राजनीति

महापौर विधायक आमने-सामने, बिरगांव निगम में राशन पर राजनीति

रायपुर : सरकार करोडों खर्च करके लॉक डाउन में फसे मजदूरों, गरीबों सहित हर वर्ग के लिए भले ही कितना भी बेहतर काम कर रही हो, लेकिन जमीन पर काम करने वाले जिम्मेदारों के टशन की वजह से कई लोगों तक जरूरत की सामग्री नही पहुंच पा रही है। मुख्यमंत्री ने खुद भी बताया है की लॉकडाउन में दूसरे राज्यों में फसे राज्य के श्रमिकों के लिए 1.85  लाख की व्यवस्था की गई गई है, लेकिन रायपुर निगम के बाजु वाले निगम बिरगांव में सैकड़ो लोग भूखे मर रहे हैं।  



मामला बीरगांव नगर निगम का है जहां पर 10 हजार से ज्यादा ऐसे लोग रहते हैं जिनका राशनकार्ड नहीं बना है। ये ऐसे लोग हैं जो बिरगांव इलाके की कंपनियों में काम करने क लिए बहार से आये हैं। हलाकि प्रशासन द्वारा मजदूरों के हित में फैसला लेते हुए कंपनियों को निर्देश दिया गया है की उनके यहां काम करने वाले वर्कर्स के खाने-पिने से लेकर तनख्वाह तक की साड़ी व्यवस्था देखी जाये, उसके बावजूद बिहार से रायपुर आये 20 से ज्यादा लड़के पिछले कई दिनों से राशन के लिए तरस रहे है।


पार्षदों की अकड़ ऐसी जैसे तानाशाह हों।  

जानकारी मिलने पर पहुंचे हमारी टीम को पता चला की पुरे इलाके में लॉकडाउन में फसे लोगों की मदद तो की जा रही लेकिन उससे भी ज्यादा गुटबाजी हावी है। 40 वार्डों वाले बिरगांव इलाके में महापौर भाजपा का है लेकिन पार्षदों की संख्या कांग्रेस की ज्यादा है, प्रदेश में सरकार भी कांग्रेस की है तो जाहिर है की कांग्रेस पार्षदों की ज्यादा चलेगी। मुख्यमंत्री राहत कोष से इलाके के सभी गरीब मजदूरों के लिए राशन सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है लेकिन राहत सब को मिल नहीं पा रही है, इलाके के पार्षदों का रुबाब ऐसा है की जनता खुद चल कर उनके दरवाजे पर आये तभी राशन दिया जाएगा। वो तो सुक्र है की इलाके में कई सामाजिक संस्थाए देहाड़ी मजदूरों के लिए हर रोज शाम को खाने के पैकेट बटवा देती हैं वरना हजारों लोगों को भूखे पेट ही सोना पड़े।


मीडिया से संपर्क करने पर हड़काया गया

मामला बिरगांव इलाके के वार्ड नंबर नौ का है जहां के पार्षद नंदू चंद्राकर हैं। इस मामले में शनिवार को उनसे बात हुई तो उन्होंने कहा था की लड़के उनके पास पहुंचे तो पूरी मदद की जाएगी लेकिन जब रविवार को लड़के उनके पास पहुंचे तो राशन तो नहीं मिल पाया लेकिन लड़कों को मीडिया से संपर्क करने पर हड़काया जरूर गया, की इलाके में रह कर गुंडई मत करो। जबकि कांग्रेस पार्षदों को ग्रामीण विधायक ने लॉक डाउन में फसे बाहरी लोगों के लिए तीन सौ के करीब पैकेट एक एक वार्ड में भिजवाएं हैं।


महापौर पर लगा भाजपा पार्षदों के लिए अपनी निधी से 24 लाख आवंटित करने का आरोप

इलाके में भाजपा की महापौर जो लगातार निगम आयुक्त पर उनकी बात न सुनने और उनका काम ना करने का आरोप लगा रही हैं, जनता के द्वारा चुनी गई महापौर अम्बिका यदु ने बिरगांव निगम कमिश्नर पर ग्रामीण विधायक के कहने पर चलने का आरोप लगते हुए कहा है की कयुक्त मेरी कोई बात सुनते ही नहीं। इस लिए हमने अपने निधि से जनता को राहत पहुंचाने 24 लाख की राशि आवंटित कर दी। इस पर घमाशान मच गया। अब इलाके में महापौर और ग्रामीण विधायक आमने सामने हैं। ग्रामीण विधायक ने इलाके के बचे हुए कांग्रेस पार्षदों के लिए विधायक निधि से सभी कांग्रेस पार्षदों वाले 26 वार्डों में दो-दो लाख दिए थे इस लिए महापौर ने भी भाजपा पार्षदों वाले वार्डों के लिए दो-दो लाख बटवा दिए। 


पहले ग्रामीण विधायक ने जब राशि का आवंटन करवाया तो सिर्फ कांग्रेस पार्षदों को ही मिला भाजपा पार्षदों को फूटी कौड़ी नहीं दी तो म्हणे भी अपनी निधि से आवंटित करवा दिया। लेकिन मैं पुरे बिरगांव की महापौर हु इसलिए सभी 40 वार्डों के लिए राशि उपलब्ध करवाउंगी। वर्जन अम्बिका यदू महापौर बिरगांव