कांकेर के सीताफल प्रोजेक्ट को केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सराहा, पीएम मोदी भी कर चुके हैं तारीफ, कलेक्टर चौहान खुद देख रहे हैं प्रोजेक्ट

कांकेर के सीताफल प्रोजेक्ट को केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सराहा, पीएम मोदी भी कर चुके हैं तारीफ, कलेक्टर चौहान खुद देख रहे हैं प्रोजेक्ट

छत्तीसगढ़ अब तक धान का कटोरा के लिए जाना जाता था लेकिन अब यह सीताफल की टोकरी के रूप में भी पहचान स्थापित कर रहा है. केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसकी तारीफ अपने अधिकृत टिवटर एकाउंट पर की है. इसके पहले 2018 में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी सीताफल प्रोजेक्ट और किसानों को मिल रहे मुनाफे की तारीफ कर चुके हैं.



मंत्रालय ने टिवट करते हुए ​कहा कि 'छत्तीसगढ़ के चार उत्पादक समूहों ने सीताफल के मुनाफे की मूल्य श्रृंखला को आगे बढ़ाने की शुरूआत की है.' कांकेर का सीताफल अब राजधानी रायपुर के बाजार में 2,80 रूपये किलोग्राम तक बिक रहा है. इससे कुल राजस्व 53,292 रूपये प्राप्त हुआ जिसमें किसानों का मुनाफा 22706 रूपये रहा. बम्पर सीताफल की खेती के बावजूद किसानों को इस फसल का बेहतर मूल्य मिलना शुरू हुआ है. जबकि पूरे जिले में सीताफल के ​उत्पादकों को पचास लाख से ज्यादा का फायदा होने का अनुमान है.



कांकेर कलेक्टर, आइएएस के.एल. चौहान ने बताया कि सीताफल की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए बिहान योजनांतर्गत विशेष अभियान चलाया गया था, जिसका फायदा मिला है और यह आगे भी जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि हम इसे विकासखण्ड स्तर पर खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. जानते चलें कि 2018 में भी देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कांकेर सीताफल प्रोजेक्ट और किसानों को मिल रहे मुनाफे की तारीफ कर चुके हैं. उन्होंने इसके संबंध में किसानों से सीधे बात की थी और इसे देश के बाकी किसानों के लिए आदर्श उदाहरण बताया था.