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खाद्य तेल की जांच, अब 'ऑयल फ्राइंग मीटर' से...!

खाद्य तेल की जांच, अब 'ऑयल फ्राइंग मीटर' से...!


राजकुमार मल

भाटापारा- खाद्य तेल के कई दफा उपयोग से गुणवत्ता में आने वाली कमी की जांच, अब "ऑयल फ्राइंग मीटर" से की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने प्रदेश में चल रही मोबाइल फूड लैब वैन में यह मीटर उपलब्ध करवा दिया है। इसके अलावा चिन्हित जिलों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को भी यह मीटर दिए गए हैं।

त्यौहार और पर्व पर ही नही, सामान्य दिनों में भी खाद्य सामग्रियों के निर्माण में गुणवत्ता को लेकर बरती जाने वाली लापरवाही,  होटल, स्वीट कॉर्नरों को भारी पड़ने जा रही है। खासकर एक ही खाद्य तेल को बार-बार उपयोग किए जाने की ना केवल जानकारी मिल रही है, बल्कि शिकायतें भी आने लगी है। इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाकर, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य तेलों की जांच के लिए "ऑयल फ्राइंग मीटर" चुने हुए जिलों को भेजे हैं।


क्या है ऑयल फ्राइंग मीटर

थर्मामीटर जैसा दिखाई देने वाले फ्राइंग मीटर में खाद्य तेल की बेहद मामूली सी मात्रा, टेस्ट्यूब की मदद से पहुंचाई जाती है। यह मीटर, खाद्य तेल की मात्रा के पहुंचते ही कुछ ही मिनट में परिणाम दे देता है।  पहचान के लिए शायद, कुछ अंक और शब्दों की मदद से मिले परिणाम, जांच टीम के हाथों में होता है।

ऐसे करता है काम

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने चिन्हित जिलों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को जो ऑयल फ्राइंग मीटर दिए हैं, इसमें जांच के लिए टेस्ट ट्यूब में खाद्य तेल की कुछ मात्रा ली जाती है। जिसमें मीटर को डूबाया जाता है। मुश्किल से 5 मिनट के बाद, परिणाम हाथों में होता है, हालांकि इस मीटर से मिले परिणाम को, प्रारंभिक जांच की श्रेणी में रखा गया है। प्रयोगशाला द्वारा जारी रिपोर्ट अंतिम मानी जाती है।


यह हैं गुणवत्ता के मानक

खाद्य तेलों की गुणवत्ता के लिए एसिडिटी और फेट की मानक मात्रा को सही माना गया है। बार-बार यानी एक ही तेल को, कई बार तलने या फ्राई करने में उपयोग किए जाने से इन दोनों तत्वों की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ता हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक होते हैं। इसलिए ऐसी हरकतों पर रोक के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन, ऑयल फ्राइंग मीटर की मदद से जांच अभियान जारी रखे हुए हैं।

री-यूज  कुकिंग ऑयल की जांच के लिए



ऑयल फ्राइंग मीटर की मदद से री-यूज कुकिंग ऑयल में गुणवत्ता की मात्रा की जांच की जाती है। बार-बार के उपयोग से खाद्य तेल, सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए मोबाइल फूड लैब वैन में इसकी उपलब्धता की तय की जा चुकी है। इसके अलावा चिन्हित जिलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को भी यह मीटर दिए गए हैं।

- डॉ आर के शुक्ला, असिस्टेंट कमिश्नर, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, रायपुर