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Breaking : आइएएस ​गिरफतार, पूर्व कलक्टर 1.40 लाख की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार, 31 साल की नौकरी में 6 बार एपीओ और एक बार सस्पेंड

Breaking : आइएएस ​गिरफतार, पूर्व कलक्टर 1.40 लाख की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार, 31 साल की नौकरी में 6 बार एपीओ और एक बार सस्पेंड

जयपुर. बारां के जिला कलक्टर रहे आईएएस इंद्रसिंह राव को भी आखिरकार एसीबी ने बुधवार को रिश्वत लेने के मामले में जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। कोटा एसीबी की टीम ने 9 दिसम्बर को उनके पीए महावीर प्रसाद नगर को 1.40 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इसमें राव की भी संलिप्तता सामने आई थी। इस पर एसीबी ने जिला कलक्टर राव के खिलाफ भी रिश्वत मांगने का केस दर्ज किया था।

एडीजी दिनेश एमएन ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि इंद्रसिंह राव को आज उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे में पूछताछ के लिए जयपुर स्थित एसीबी मुख्यालय बुलाया गया था। जहां शाम 5 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब उन्हें गुरुवार को कोटा एसीबी कोर्ट में पेश किया जाएगा। डीजी बीएल सोनी ने एडीजी दिनेश एमएन के सुपरविजन में इस केस के अनुसंधान के लिए एएसपी चन्द्रप्रकाश शर्मा के नेतृत्व में डीएसपी सचिन शर्मा और पुलिस इंस्पेक्टर महेश तिवाड़ी की स्पेशल टीम को जिम्मेदारी दी थी।

उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार पीए महावीर नागर ने पूछताछ में दावा किया था कि उसने यह रकम पेट्रोल पम्प की एनओसी जारी करने की एवज में कलक्टर के लिए ली थी। तब एसीबी ने इंद्रसिंह राव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। वहीं, जिला कलक्टर कार्यालय में पीए के पकड़े जाने के बाद भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे इंद्रसिंह राव को राज्य सरकार ने तत्काल एपीओ कर दिया था। इसके बाद तब एसीबी ने 10 घंटे तक कलक्टर से भी पूछताछ की थी। उनका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया था।

इंद्र सिंह राव (58) मूलत: राजस्थान प्रशासनिक सेवा 1989 बैच के अफसर हैं। 31 साल के कार्यकाल में राव अब तक छह बार अलग-अलग कारणों से एपीओ किए जा चुके हैं। एक बार उन्हें सस्पेंड भी किया जा चुका है। चार साल पहले ही उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रमोट किया गया था। उसके तुरंत बाद उन्हें राजस्व मंडल में भाजपा सरकार ने लगा दिया था। राव 1999 में पहली बार एपीओ किए गए। फिर 2004, 2005, 2008, 2011 और अब 2020 में छठी बार एपीओ किए गए। बतौर कलेक्टर बारां में उनकी पहली पोस्टिंग थी।