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मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के भ्रष्ट शासन की याद दिला दी अटल सेतु पर गिरा बिजली का खंभा

मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के भ्रष्ट शासन की याद दिला दी अटल सेतु पर गिरा बिजली का खंभा

पणजी।   कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि ‘अटल सेतु’ पर टूटे बिजली के खंभे ने एक बार फिर से तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के भ्रष्ट शासन की याद दिला दी है।
गोवा प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रवक्ता ए टी डिसूजा ने अपने बयान में कहा, “कांग्रेस पार्टी ने तीसरे मंडोवी पुल पर बिजली के खंभे लगाने में 45 करोड़ रुपए को घोटाला को आरोप लगाया था। अब उन बिजली के खंभों के गिरने से भ्रष्टाचार उजागर हो रहा है। हमें उम्मीद है कि जो लोग यू-टर्न लेने में माहिर दिवंगत मनोहर पर्रिकर की विरासत को आगे बढ़ाना चाहते हैं, वे इसको अब देख रहे होंगे।”
उन्हाेंने आरोप लगाया कि गोवा में भारतीय जनता पार्टी पदाधिकारियों ने तीसरे मंडोवी पुल पर किए गए लगभग 800 करोड़ रुपये के खर्च के कमीशन और रिश्वत से बड़ी कमाई की है। इस पुल का उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री ने सिर्फ यह सुनिश्चित करने के लिए किया था कि उनका नाम पट्टिका पर अंकित हो सके।
श्री डिसूजा ने कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि आज तक पुल को पूरी तरह से चालू नहीं किया गया है और नए पुल के रास्ते अभी भी वाहनों की आवागमन के लिए बंद हैं। पुल के खुलने के एक साल के भीतर ही इसमें दरार पड़ गयी थीं, जिनकी अभी तक पूरी तरह से मरम्मत नहीं की गयी है। पुल बनने के बाद सड़कों में गड्ढे बन गए है। पुल के नीचे कंक्रीट का मलबा ठेकेदार द्वारा अभी तक साफ नहीं किया गया है।”
कांग्रेस नेता ने कहा, “यह पुल भाजपा की लूट का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है।” उन्होंने कहा कि हमें इस बात की चिंता है कि कहीं बिजली के खंभे एक के बाद एक गिरने न लगें, जिससे लोगों की जान को खतरा हो सकता है। हमारी मांग है कि सरकार तत्काल प्रभाव से पुल निर्माण मामले का ऑडिट कराए और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।