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हजारों किसानों को स्पेयर पंप मिलने का इंतजार, किसानों की माली हालात एवं आर्थिक स्थिति चिंताजनक

हजारों किसानों को स्पेयर पंप मिलने का इंतजार, किसानों की माली हालात एवं आर्थिक स्थिति चिंताजनक

जांजगीर-चांपा जिला के अंतर्गत समस्त विकासखंडों में डीएमएफ मद योजना से हजारों किसानों को स्पेयर पंप वितरण नहीं करने का मामला जिला के हजारों किसानों का स्पेयर पंप मिलने के इंतजार में पिछड़ रही दवाई छिड़काव एवं कृषि कार्य                     

जांजगीर चांपा  ।  जिला के हजारों किसानों को स्पेयर पंप मिलने के इंतजार में धान एवं सब्जी भाजी आदि अन्य फसलों के ऊपर दवाई छिड़काव करना एवं कृषि कार्य काफी पिछड़ रही है । डीएमएफ गौण खनिज मद योजना से मिलने वाला बैटरी चलित स्पेयर पंप जिला के अंतर्गत समस्त विकासखंडों के  हजारों किसानों को नहीं मिलने के कारण किसानों की माली हालात एवं आर्थिक स्थिति चिंताजनक एवं खराब भी हो रही है ।                    


 गौरतलब है कि जांजगीर-चांपा जिला के अंतर्गत समस्त विकास खंडों के हजारों किसानों को दिए जाने वाले गौण खनिज मद योजना से मिलने वाली बैटरी चलित स्पेयर पंप आज पर्यंत तक किसानों को नहीं मिल पाया है । जिसके कारण किसानों की माली हालात एवं आर्थिक स्थिति दिनोंदिन खराब हो रही है।      

    किसानों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व में छत्तीसगढ़ शासन  के द्वारा मंत्री या विधायक को डीएमएफ गौण खनिज मद योजना के अध्यक्ष बनाए गए थे। लेकिन वर्तमान में केंद्र की मोदी सरकार ने आदेश जारी कर सभी कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों का  डी एम एफ योजना गौण खनिज मद का अध्यक्ष बनाया गया है । जिसके कारण से राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार की नियम बदलने के कारण से किसानों को स्पेयर पंप समय पर नहीं मिल पाना किसानों को बाजारों से 2 से 3 हजार रुपये तक की लागत से मजबूरी में स्पेयर पंप खरीदना पड़ रहा है। गरीब तबके के किसानों को अधिक रुपए खर्च होने के कारण से बेवजह परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । जिसके कारण किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। अगर किसानों को सही समय पर स्पेयर पम्प मिल जाता तो आज किसान अपना कृषि कार्य दवाई छिड़काव कर खाद डालना आदि कर लिया होता। लेकिन शासन प्रशासन के चक्कर में मजदूरकश किसान  आज  पीछे जा रहे हैं ।

 किसानों का कृषि कार्य बहुत पिछड़ रहा है। किसानों ने बताया कि इस समय धान के फसलों में सबसे ज्यादा भूरा माहो, तना छेदक, सड़न-गलन, बंकी एवं कई तरह की कीट व्याधि इल्लियां फसलों को नुकसान पहुंचा रही हैं ।जिसके नियंत्रण के लिए किसानों को बार-बार बाजारों से स्पेयर पंप एवं कीटनाशक दवाइयां औने पौने दामों में खरीदना पड़ रहा है। कृषि विभाग से सब्सिडी में स्पेयर पंप एवं कीटनाशक दवाइयां नहीं मिलने से किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। इस समय जिले के किसान व्यापारियों से अधिक दामों में स्पेयर पंप कीटनाशक दवाइयां को खरीद कर छिड़काव कर रहे हैं। 


धान की फसलों में सबसे ज्यादा बीमारी तना छेदक एवं गलन की है ।जिले के अधिकतर किसान न तो अपने खेतों की मिट्टी परीक्षण कराते हैं, और न ही बीज उपचार पद्धति से धान की बुआई कर पाते हैं। जिसके कारण हर साल धान की पौधों में झुलसा, तना छेदक, बंकी,सड़न गलन एवं इल्लियां कई प्रकार की अधिक बीमारियां हमेशा हर साल आती है। जिसके कारण किसानों को बाजारों से अधिक दामों में स्पेयर पंप एवं दवाइयां खरीदनी पड़ती है। अगर वर्तमान स्थिति में किसानों को सब्सिडी में स्पेयर पंप नहीं मिला तो किसान अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं  ।

  वर्तमान में जिले के हजारों किसानों को बैटरी चलित स्पेयर पंप नहीं मिलने के कारण से जिले के किसान परेशान नजर आ रहे हैं।               बहरहाल कारण चाहे जो भी हो अगर जिले के मुखिया कलेक्टर को  इस डीएमएफ योजना गौण खनिज मद योजना का अध्यक्ष बनाया गया है उसके बावजूद भी किसानों को इलेक्ट्रॉनिक बैटरी चलित स्पेयर पंप समय रहते नहीं मिल पाना जिले के हजारों किसानों के समझ से परे हैं ।

       गौण खनिज मद योजना का कलेक्टर को अध्यक्ष बनाया गया है। फिर हाल वर्तमान में स्पेयर पम्प नहीं आया है। आएगा तो अध्यक्ष  के निर्देशन में वितरण किया जाएगा।                          

नारद कुमार भारद्वाज  अनुविभागीय कृषि विकास अधिकारी जांजगीर