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पीलिया के प्रकोप से कही राहत तो कहीं परेशानी, 24 घंटे के भीतर 55 घर लौटे तो 28 हुए भर्ती

पीलिया के प्रकोप से कही राहत तो कहीं परेशानी, 24 घंटे के भीतर 55 घर लौटे तो 28 हुए भर्ती

रायपुर : शहर में चौतरफा पीलिया का प्रकोप फैल रहा है, 24 घन्टे के भीतर पीलिया के 28 नए मरीज मिलने से पीलिया संक्रमित इलकों के रहवासियों को कोरोना से ज्यादा पीलिया का डर सता रहा है। पिछले 17 दिनो के भीतर पीलिया के मरीजों की संख्या सात से बढ़ कर 356 हो गई है। 


जनधारा लगातार पिछले 20 दिनों से पीलिया को लेकर खबर चला रहा है। जिसकी वजह से प्रशासन को शहर में आ रहे गंदे पानी की सप्लाई पर कई परिवर्तन करने सहित संक्रमितों के इलाज को लेकर भी बड़े कदम उठायें हैं। पिछले दिनों पंडरी स्थित जिला अस्पताल में पिछले दिनों पीलिया पीड़ित 71 से ज्यादा मरीजों को भर्ती कराया गया था, बाद में इनकी बढ़ कर 128 हो गई। लेकिन इस बेच अच्छी खबर ये आई की 128 में से 55 मरीज इलाज के बाद पंडरी जिला अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिए गए। लेकिन अगले ही दिन 28 और मरीजों को भर्ती किया गया। साथ ही 87 मरीजों के खून की जांच की रिपोर्ट आना अभी बची है। 


इस दौरान संकरण वाले इलाकों में स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों के खून की जांच   कर रहा है। बीते दिन की बात करें तो 391 घरों में जाकर 201 लोगों के खून जांच की गई, उन्ही में इ 28 लोग पीलिया से संक्रमित पाए गए।  


पीलिया के बढ़ते मरीजों का प्रमुख कारन जिम्मेदारों की गैरजिम्मेदारी है, वक्त रहते अगर काम किया गया होता तो आज स्थिति ऐसी नहीं होती। निगम द्वारा सप्लाई किये जा रहे पानी में लगातार कीड़े आने की वजह से ही शहर के कई इलाकों में पीलिया का प्रकोप है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीलिया संक्रमित इलाकों में 30 जगहों पर पत्नी के सैम्पल लिए गए जिनमे से 20 जगहों पर पानी के सैम्पल की जांच में आई रिपोर्ट पीलिया के संक्रमण से भी ज्यादा खतरनाक है। रिपोर्ट में 32 में से 20 जगह के पानी  में खतरनाक बैक्टिरिया पाए गए हैं। जांच में पीने के पानी में मल में पाए जाने वाले बैक्टरिया मिले हैं। साथ ही आमापारा के मंगलबाज़ार में बड़ी संख्या में पीलिया के मरीज मिलने के बाद शाहिद चूणामणि वार्ड, खो खो पारा, महामाया पारा, मंगल बाजार, वासुदेव पारा में बडी संख्या में मरीज मिले हैं, इनमे से सबसे चिंताजनक स्थिति आमापारा इलाके की है, निगम स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस इलाके में सप्लाई होने वाले पानी की जांच कराई गई जिसमे आमापारा में आने वाले पानी में ई-कोलाई ,क्लेबसिएला और स्यूडोमोनास जैसे खतरनाक बैक्टीरिया मिलाने का खुलासा हुआ है। यह जांच नेहरू मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ माइक्रोबायोलॉजी द्वारा की गई थी। जानकारों का कहना है कि इन बैक्टरिया से न सिर्फ पीलिया बल्कि डायरिया जैसी खतरनाक बीमारी होती है, इनके कारण बैक्टीरिया फेफड़े और मस्तिष्क में भी संक्रमण का खतरा बना रहता है। 


जनधारा लगातार पिछले 20 दिनों से खबर का प्रकाशन कर रहा है। जिसकी वजह से पूरे शहर की पाइप लाइन के बदलाव के काम शुरू करने के साथ ही वाटर फिल्टर प्लांट में 18 साल बाद कई बदलाव करने से लेकर खारुन के एनीकट में मिल रहे सीवर वाले गंदे पानी के नाले को मोड़ने पर मजबूर कर दिया है।


पानी की गुणवत्ता शुध्द करने युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है, स्वास्थ्य विभाग भी संक्रमित लोगों का इलाज कर रहा है, साथ ही सभी संक्रमित इलाकों  रहवासियों के खून की रपोर्ट भी की जा रही है और संक्रमित लोगों को इलाज के लिए तुरंत भर्ती की किया जा रहा है, रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ रही है कई लोग स्वस्थ्य होकर हैं। वर्जन, आईएएस सौरभ कुमार, आयुक्त नगर निगम रायपुर