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TET में सफल एक लाख अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र की वैधता फिर होगी जिंदा

TET में सफल एक लाख अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र की वैधता फिर होगी जिंदा

रायपुर, 13 जून। छत्तीसगढ़ में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) योग्यता प्रमाण-पत्र की वैधता आजीवन करने से एक लाख अभ्यार्थियों का प्रमाण-पत्र फिर जिंदा होंगे। अभी तक राज्य में टीईटी उत्तीर्ण करने वाले एक लाख 51 हजार 589 उम्मीदवारों के प्रमाणपत्र आजीवन मान्य होंगे। इससे उनमें फिर शिक्षक की नौकरी करने की उम्मीद जगी है।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) रायपुर ने साल 2011 से टीईटी पास करने वाले उम्मीदवारों के प्रमाण-पत्र को आजीवन सफलता (लाइफ टाइम अचीवमेंट) के रूप में घोषित करने का फैसला लिया है। एससीईआरटी के संचालक डी.राहुल वेंकट ने बताया कि राज्य शासन को पत्र लिखकर गाइडलाइन के अनुसार जिन उम्मीदवारों के प्रमाण-पत्र की वैधता खत्म हो चुकी है उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए निर्देश मांगा है।

राज्य में पहली बार साल 2011 में छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ने टीईटी का आयोजन किया था। इस परीक्षा से प्राइमरी स्कूल के लिए 51 हजार 662 और मिडिल स्कूल के लिए 25 हजार 855 उम्मीदवारों ने प्रमाण-पत्र हासिल किया था। निर्धारित समय तक नियुक्ति नहीं होने से साल 2018 के अंतिम तक इन उम्मीदवारों के प्रमाण-पत्र की वैधता खत्म हो गई थी।

वहीं, 2014 के उम्मीद्वारों का प्रमाणपत्र की वैधता भी इसी साल खत्म होने वाली है। ऐसे में 2011 और 2014 में उत्तीर्ण टीईटी के उम्मीदवारों के प्रमाण-पत्रों में वैधता खत्म होने का संकट टल गया है। बतादें कि अभी राज्य में 14 हजार 580 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।

ऐसे में इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए इन उम्मीद्वारों को अवसर मिल सकता है। पुरानी व्यवस्था के अनुसार सात साल के बाद इन प्रमाण-पत्रों की वैधता खत्म होने का प्राविधान रहा है, इसे अब आजीवन कर दिया गया है।एनसीटीई (नेशनल काउंसिल फार टीचर एजुकेशन) ने टीईटी उत्तीर्ण उम्मीदवारों के प्रमाण-पत्रों की वैधता को सात साल की बजाय सीधे आजीवन कर दिया है।