breaking news New

चीन ने कोरोना वायरस को दुनिया से छिपाया, 22 हजार से अधिक लोगों की मौत

चीन ने कोरोना वायरस को दुनिया से छिपाया, 22 हजार से अधिक लोगों की मौत


वॉशिंगटन। चीन  के वुहान शहर से शुरू हुए इस कोरोना किलर वायरस से अब तक 22 हजार से अधिक लोग मारे गए हैं और 150 से अधिक देशों पर इसका बहुत बुरा असर पड़ा है। अब खुलासा हुआ है कि अगर चीन ने इस वायरस की शुरुआत के समय और ज्‍यादा पारदर्शिता बरती होती तो कोरोना के असर को काफी हद तक कम कर लिया गया होता।


चीन के वुहान शहर में पिछले साल दिसंबर महीने में कोरोना वायरस का पहला केस सामने आया था। अब तक यह 5 लाख लोगों को संक्र‍मित कर चुका है। केवल यूरोप में ही अब तक 10 हजार लोग कोरोना वायरस से मारे गए हैं। 


कोरोना वायरस की शुरुआत वुहान के जंगली जानवरों की मार्केट से हुई। आइए जानते हैं कि चीन ने किस तरह से इस पूरे मामले को दुनिया से छिपाया...


1 दिसंबर, 2019। इस दिन पहले मरीज में कोरोना वायरस का लक्षण सामने आया। पांच दिन बाद मरीज की पत्‍नी भी कोरोना वायरस से पीड़‍ित हो गई और उसे भी अलग-थलग अस्‍पताल में भर्ती कराया गया। दिसंबर के दूसरे सप्‍ताह में वुहान के डॉक्‍टर उन लोगों की तलाश कर रहे थे जिनमें यह वायरस फैला था। इस दौरान यह साफ संकेत सामने आया कि यह वायरस इंसान से इंसान में फैल रहा है।


 चीन ने इस तरह के मामले सामने आने के 3 सप्‍ताह बाद व‍िश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन को इसके बारे में बताया। इसके बाद डॉक्‍टर ली को वुहान के पब्लिक स‍िक्‍यॉरिटी ब्‍यूरो बुलाया गया और उन पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया गया। चीन के नैशनल हेल्‍थ कमिशन ने आदेश दिया कि इस बीमारी के बारे में कोई भी सूचना सार्वजनिक नहीं की जाए। उसी दिन हुबेई के प्रांतीय स्‍वास्‍थ्‍य आयोग ने वुहान के सारे नमूनों को नष्‍ट कर दिया।


न्‍यू यॉर्क टाइम्‍स ने 6 जनवरी को अपनी एक र‍िपोर्ट में बताया कि 59 लोग वुहान में न्‍यूमोनिया जैसी बीमारी से पीड़‍ित हैं। इसके जाकर चीन ने लेवल 1 की यात्रा निगरानी जारी की। चीन ने कहा कि लोग वुहान में जिंदा या मरे हुए जानवरों, जानवरों के बाजारों और बीमार लोगों से दूर रहें।


8 जनवरी को भी चीन के स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों ने यह दावा किया कि उन्‍होंने वायरस की पहचान कर ली है और इस बात के साक्ष्‍य नहीं है कि यह वायरस इंसान से इंसान में फैल रहा है। 12 जनवरी को डॉक्‍टर ली को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।


14 जनवरी को विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यह वायरस इंसान से इंसान में नहीं फैलता है। 15 जनवरी को वुहान के हेल्‍थ कमिशन ने कहा कि इंसान से इंसान में कोरोना वायरस के जाने की सीमित संभावना है। इसके बाद भी वुहान में भीड़ को जुटने दिया गया।


 19 जनवरी को चीन के नैशनल हेल्‍थ कमिशन ने ऐलान किया कि कोरोना वायरस के इंसान से इंसान में फैलने के दो मामले सामने आए हैं। चीन की इस देरी का नतीजा यह हुआ कि कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैल गया।

chandra shekhar