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पूर्व भानुप्रतापपुर वन मंड़ल में तेंदूपत्ता शाखकर्तन सह कार्यशाला 2021 का आयोजन

पूर्व भानुप्रतापपुर वन मंड़ल में तेंदूपत्ता शाखकर्तन सह कार्यशाला 2021 का आयोजन

भानुप्रतापपुर, 25 फरवरी।  जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित पूर्व भानुप्रतापपुर में आज गुरुवार को तेंदूपत्ता शाखकर्तन सह कार्यशाला 2021 का आयोजन वन विभाग के डिपो कार्यालय परिसर में किया गया। कार्यक्रम प्रमुख रूप से जनप्रतिनिधी, संग्रहक एवं विभाग अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मनीष कश्यप प्रबंध संचालक ने कहा कि मैं बहुत ही सौभाग्यशाली हूँ कि मुझे ऐसे वन मंडल में कार्य करने का अवसर मिला है, जहा पर पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में सबसे अधिक तेंदूपत्ता संग्रहण किया जाता है।

उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण  प्रदेश का सबसे बड़ा त्यौहार उत्सव है। भानु वन मंडल प्रतिवर्ष एक लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण करती है,जो प्रदेश के चार अन्य वन मंडलो के बराबर है। इस वर्ष हमे लक्ष्य से ज्यादा 125 लाख मानक बोरा संग्रहण करके दिखाना है। पिछले वर्ष कोरोना काल के चलते कार्य प्रभावित रहा है, इस बार हम सब मिलकर कार्य करेंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि इस बार हमारे सभी समिति व लांट बिक चुके है। वही लक्ष्य व गुणवत्ता युक्त संग्रहण पर पहले दूसरे व तीसरे  समिति व लाट को प्रोत्साहन राशि भी दिए जाएंगे। 

तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में फड़मुंशी का रोल महत्वपूर्ण रहता है। इनके अलावा प्रबंधक, पोषण अधिकारी,रेंजर व विभाग के कर्मचारियों का सतत मार्गदर्शन व सहयोग मिलते रहेगा।

सुनील बबला पाढ़ी अध्यक्ष नगर पंचायत ने कहा कि हमारे क्षेत्र में लघुवनोपज से बड़ा वर्ग को लाभ मिलता है। प्रदेश सरकार की मंशा है कि वनोपज का लाभ अंतिम व्यक्ति तक मिले।

बीरेन्द्र सिंह ठाकुर अध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा वनोपज की ख़रीदी बिक्री कार्य सहकारिता के माध्यम से की गई है ताकि वनवासियों को वनोपज का अधिक से अधिक लाभ मिल सके। तेंदूपत्ता मानक बोरा की राशि को 25 सौ से बढ़ाकर 4 हजार रुपये की गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश की सरकार पहली सरकार है जो भारत का 73 प्रतिशत वनोपज अकेले ख़रीदती है।


सुनाराम तेता उपाध्यक्ष जनपद ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य ग्रामीण क्षेत्र से जुड़ी हुई है,इससे ग्रामीणों को रोजगार मिलती है। बूटा कटाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। 

बद्री गावड़े ने  हरा सोना इसे कभी न खोना कहते हुए कहा कि जहा तक मेरा अनुभव व अनुमान है कि वनवासियों के लिए वनोपज खेती से भी अधिक आमदनी देने वाला व्यवसाय है, इसलिए इस पर अधिक ध्यान देने की बात कही।

इनके अलावा आयुनु ध्रुव, टीकम टांडिया, रमेश बघेल, संग्रहक परिवार ने अपने विचार रखे।

इस अवसर पर एसडीओ ललित दुबे, आई पी गेन्द्रे, वन परिक्षेत्र अधिकारी देवलाल दुग्गा, मुकेश नेताम, वीरेन्द्र सिंहा, चरणसिंह ठाकुर, जिला यूनियन के लेखापाल त्रिभुवन यादव सहित 42 समिति के अध्यक्ष,प्रबंधक, व संग्रहक परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।