जिला आबकारी अधिकारी के संरक्षण में अधिक दामों में बेचे जा रहे शराब

जिला आबकारी अधिकारी के संरक्षण में अधिक दामों में बेचे जा रहे शराब

मामला कांकेर स्थिति अंग्रेजी शराब दुकान 

भानुप्रतापपुर, 26 सितंबर। जिला आबकारी अधिकारी कांकेर के संरक्षण में खुलेआम नियम कायदे को दर किनार करते हुए कांकेर स्थित अंग्रेजी एवं देशी शराब दुकान में शराब कर्मचारियों द्वारा मूल्य से अधिक दाम पर शराब बेच रहे है। अधिक मूल्य एवं शराब के क्वालिटी को लेकर मंदिरा

 प्रेमियों के द्वारा लगातार शिकायत किया जा रहा है।  बावजूद जिलाआबकारी साहब शिकायत को सुलझाने के बजाय शराब अधिक दाम में बेचवाने में लगे हुए है।

विदित हो कि प्रदेश सरकार द्वारा शराब ठेकेदारी प्रथा को खत्म करते हुए जब से प्रदेश में शासन स्तर से शराब बेचा जा रहा है, मंदिरा प्रेमियों को उम्मीद थी कि अब शराब सस्ती एवं अच्छे क्वालिटी के मिलेगी, लेकिन लोगों का यह सोचना बिल्कुल गलत साबित हुआ है। यह कांकेर स्थित अंग्रेजी एवं देशी शराब दुकान इसका उदाहरण देखा जा सकता है। इस प्रथा से अधिकारी व शराब कर्मचारी हो रहे लाल।


 शराब के बिक्री प्रतिदिन लाखो में,मुनाफे भी लाखों की 

गौरतलब हो कि कांकेर स्थित अंग्रेजी एवं देशी शराब दुकान जिला के सबसे बड़ी दुकान है जहाँ पर सूत्रों के माने तो प्रतिदिन अंग्रेजी एवं देशी शराब दुकान में लगभग 18 से 20 लाख के ब्रिकी की जाती है। प्रति बोतल में निर्धारित कीमत से  शराब कर्मचारियों द्वारा 100 रुपये से अधिक राशि ग्राहकों से वसूले जाते है। प्रतिदिन ग्राहकों से अवैध रूप से वसूले गए राशि लगभग लाखो रुपये होती है जो शराब कर्मचारी, आबकारी विभाग के अधिकारी व ठेकेदार द्वारा द्वारा बंदरबाट किये जाने के बात सामने आ रही है। यही कारण है कि शिकायत के बावजूद भी आबकारी अधिकारी द्वारा शराब दुकान के कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही नही किया जाता है, बल्कि उन पर साहब के मेहरबानी बनी रहती है।

 नियम के बावजूद नही दिया जाता ग्राहकों को बिल 

ग्राहकों को शराब के साथ बिल दिए जाने का प्रावधान है लेकिन किसी भी ग्राहक को बिल नही दिया जाता है, यदि कोई जागरूक ग्राहक बिल की मांग करता है उसे शराब कर्मचारियों द्वारा धमकाया जाता है। शराब नहीं दिए जाने की बात कही जाती है। शासन द्वारा शराब के साथ बिल दिए जाने का प्रावधान है,ताकि उन्हें शासन द्वारा निर्धारित दर पर ग्राहकों को शराब मिल सके,लेकिन वहां के कर्मचारियों द्वारा बिल नही दिया जाता है।

 दिखाने के लिए बाहर मूल्य सूची अंकित है, 

कांकेर स्थित शराब दुकान के बाहर दीवाल पर शराब के वेरायटी एवं उनके मूल्य सूची लिखा गया है,लेकिन वह सिर्फ दिखाने के लिए है,यदि कोई ग्राहक दुकानदार से पूछता है कि मूल्य सूची से अधिक दर पर शराब क्यो बेच रहे हो तो कर्मचारियों द्वारा मूल्य सूची को पुराना बताया जाता है। जबकि सूची हाल ही का है। 

 क्या कहते है लोग 

मन्दिरा प्रेमी बसंत साहू, रमेश निषाद, राज कुमार, संतोष,गोपाल, योगेश,दिनेश आदि ने बताया कि शराब ठेकेदारी प्रथा ठीक थी क्योंकि शराब के मूल्य सस्ती एवं वेरायटी व क्वालिटी के शराब आसानी से मिल जाती थी लेकिन जब से शासन स्तर से शराब बेचा जा रहा है तब से केवल ग्राहकों को लूटने का काम किया जा रहा है। 

 आबकारी अधिकारी के कार्य प्रणाली संदेश के घेरों में 

कांकेर स्थित अंग्रेजी एवं देशी शराब दुकान के अव्यवस्था आज फिर हिदी मुहावरों को एक बार फिर चरितार्थ कर रहे है ' साइया भय कोतवाल तो डर काहे का जिला आबकारी कार्यालय कांकेर में होने के बावजूद भी शराब दुकानदार द्वारा ग्राहकों को खुलेआम लुटा जा रहा है,इसके  बावजूद भी कार्यवाही नहीं किया जाना समझ से परे है।