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मध्यप्रदेश में गहराया बिजली संकट, आठ से दस घंटा अघोषित कटौती शुरू

मध्यप्रदेश में  गहराया बिजली संकट, आठ से दस घंटा अघोषित कटौती शुरू

भोपाल। प्रदेश में गंभीर बिजली का संकट आन पड़ा है। ग्रामीण इलाकों में आठ से दस घण्टे तक बिजली कटौती शुरू हो गई है। दस-दस जिलों के क्लस्टर बनाकर बिजली की कटौती की जा रही है। बिजली कटौती की मुख्य वजह बिजली की कमी बताई जा रही है। इससे सबसे बड़ी दिक्कत किसानों को हो रही है। प्रदेश में बिजली की जरूरत दस हजार मेगावाट है, लेकिन अभी बिजली की जरूरत दस हजार मेगावाट है, लेकिन अभी बिजली आठ हजार मेगावाट ही उपलब्ध है। इसके चलते कमी को पूरा करने के लिए बिजली की कटौती शुरू हुई है।

बताया जा रहा है कि कोयला कंपनी ने सरकारी भुगतान नहीं होने पर सप्लाई बंद करा दी है। वहीं सिंगाजी पावर प्लांट में बिजली का उत्पादन आधा हो गया है। सिंगाजी पावर प्लांट की 2400 मेगावाट में से 1200 मेगावाट की बिजली उत्पादन इकाईयां भी बंद हैं, जबकि संजय गांधी पावर प्लांट में भी कोयला खत्म होने की कगार पर है। दोनों पावर प्लांट से बिजली उत्पादन रुकने से बिजली का संकट और गहरा सकता है। कमलनाथ सरकार में ऊर्जा मंत्री रहे प्रियवत सिंह ने सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकार बिजली खरीदकर भी जनता को बिजली नहीं दे पा रही है।

सरकार ने सब्सिडी रोककर प्रदेश को बिजली संकट में डाल दिया है। बिजली अभियंता संघ ने भी राज्य सरकार को चेताया है। बिजली अभियंता संघ का कहना है कि कोयले की कमी के कारण बिजली संकट के हालात बन रहे हैं। संघ ने सरकार से कोलये का भुगतान करके संकट से निजात देने की मांग की है। बिजली अभियंता संघ के महासचिव संघ के महासचिव वीकेएस परिहार का कहना है कि सरकार को पहले ही हालात बता दिए गए थे।