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Big news : जीरमघाटी जांच के लिए राज्य शासन ने नए आयोग का गठन किया

 Big news : जीरमघाटी जांच के लिए राज्य शासन ने नए आयोग का गठन किया

 आयोग को 6 माह में राज्य शासन को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश राजभवन से जारी हुआ

रायपुर। जीरमघाटी में 25 मई 2013 को घटित नक्सलियों द्वारा कारित हिंसात्मक घटना के संबंध में पूर्व में एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया था। 

जांच आयोग के सचिव द्वारा अवगत कराया गया है कि अभी जांच पूरी नही हुई है, इसलिए समय वृद्धि किया जाए। अतएव राज्य शासन द्वारा आज अधिसूचना जारी कर जांच आयोग में दो नवीन सदस्य नियुक्त करते हुए  6 माह के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

नवीन आयोग का गठन नहीं किया गया है अपितु नए सदस्यों को नियुक्त किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार मिश्रा, मुख्य न्यायाधीश बनकर आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय में पदभार, कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं।

जिसके कारण निर्धारित अवधि में जांच पूरी नहीं हो पाई है। राज्यपाल की उपसचिव रोक्तिमा यादव द्वारा महानदी भवन से जारी आदेश में राज्य शासन द्वारा पूर्व में जारी अधिसूचना में दिए गए बिन्दुओं के अतिरिक्त निम्न नए बिन्दुओं को भी जांच के दायरे में लाया गया है।

जांच के दायरे में आयोग को घटना के पश्चात पीडि़तों को समुचित चिकित्सकीय व्यवस्था उपलब्ध कराए जाने के बारे में आयोग में प्रस्तुत गवाहों से पुन: जानकारी लेने के लिए लिखा गया है।

आयोग उक्त जांच में नक्सली हमला होने सहित घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए समुचित कदम उठाए जाने के बारे में भी जांच करेगा। अन्य बिन्दुओं में राज्यशासन अथवा आयोग द्वारा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर बयान में क्या शामिल किया जाना है। यह मामले की जांच के दौरान तय किया गया। 

आज शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार आयोग में दो नए सदस्यों को जीरम घाटी जांच के लिए नियुक्त किया गया है। जिनमें छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश सतीश के अग्निहोत्री को अध्यक्ष बनाया गया है।

वहीं पूर्व न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय जी. मिन्हाजुद्दीन को सदस्य नियक्त किया गया है। दोनों न्यायाधीशों को आयोग की रिपोर्ट 6 माह के भीतर प्रस्तुत कर राज्य शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान तकनीकी विषय/बिन्दुओं पर भी आयोग किसी संस्था विशेषज्ञ की सहायता ले सकेगा।