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इनकी हठधर्मिता के सामने जनता बेबस और लाचार,पढ़िए पूरी खबर

इनकी हठधर्मिता के सामने जनता बेबस और लाचार,पढ़िए पूरी खबर

 अपनी नाकामियों को दूर करने के बजाय केंद सरकार के ऊपर दोषारोपण कर रहे हैं भूपेश बघेल- विक्रम ध्रुवे

 दल्ली राजहरा--जिलाध्यक्ष अनु. जनजाति मोर्चा व सांसद प्रतिनिधि विक्रम ध्रुवे ने कहा कि सूबे के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सिर्फ केंद्र सरकार पर मंहगाई का आरोप लगाकर राज्य की भोली भाली जनता को बरगलाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी फिदरत राज्य की भोली भाली जनता को दिग्भ्रमित कर अपनी नाकामियों को छुपाना है। वे केंद्र सरकार को सिर्फ मंहगाई के मुद्दे पर घेरने का काम कर रहे हैं। 

आज राज्य में अराजकता का आलम है। आए दिन गांजा और अफीम की तस्करी की घटनाएं सामने आ रही है। वार्ड वाइस गांजा दारू सट्टा का अवैध सेंटर खोला जा रहा है लेकिन लगाम नही कस पा रहे हैं। राज्य के अन्नदाता परेशान हैं। धान की खरीदी कायदे से एक नवम्बर से चालू हो जानी चाहिए थी लेकिन अपनी हठधर्मिता के कारण धान की खरीदी में देरी कर रहे हैं। धान की कटाई दीपावली के पहले से चालू हो गई है।

जनहित के मुद्दों को जनता नजर अंदाज करे इसलिए सिर्फ और सिर्फ मंहगाई का रोना रो रहे हैं। ध्रुवे केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीज़ल पर एक्साइज ड्यूटी घटा देने के बावजूद छत्तीसगढ़ में वैट नहीं घटाने को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर जमकर निशाना साधा है।  ध्रुवे ने कहा कि गाल बजाने के बजाय मुख्यमंत्री बघेल पेट्रोल-डीज़ल पर वैट घटाकर छत्तीसगढ़ की भोली भाली जनता को राहत पहुँचाने का काम करें, तो ज़्यादा अच्छा और प्रदेश की जनता जनार्दन के हित में होगा। लेकिन इन मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने वे केंद्र सरकार पर पूरा का पूरा दोषारोपण कर रहे हैं।

कहा कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी घटाकर देश को राहत प्रदान की है और राज्यों से अपने-अपने हिस्से के वैट को घटाने की अपील की है। बात-बेबात भाजपा शासित राज्यों को उलाहना देती प्रदेश सरकार अब इधर-उधर की बातें करने के बजाय अपने हिस्से का वैट उसी तरह क्यों नहीं घटा रही है जैसा देश के भाजपा शासित प्रदेशों में वैट घटाकर लोगों को राहत पहुँचाने का काम किया गया है।  ध्रुवे ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल को अपनी आदत में सुधार करने की ज़रूरत है। कुर्सी बचाने की ज़द्दोज़हद में वे प्रदेश की जनता का हित ही भुला बैठे है।

जनता के हित से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कोई सरोकार नहीं है। राज्य में ढाई ढाई साल के मुख्यमंत्री का नूरा कुश्ती का खेल चल रहा है। खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे की तर्ज पर बघेल और सिंहदेव अपने आलाकमान की चापलूसी करने का काम कर रहे हैं। इस खेल का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। जनता बेबस और लाचार हो गई है इनकी हठधर्मिता के सामने।