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तेजिंदर बग्गा को बचाने के लिए दिल्ली और हरियाणा पुलिस की गैर कानूनी कार्रवाई : आतिशी

तेजिंदर बग्गा को बचाने के लिए दिल्ली और हरियाणा पुलिस की गैर कानूनी कार्रवाई : आतिशी

नई दिल्ली । तेजिंदर बग्गा को बचाने के लिए दिल्ली और हरियाणा पुलिस की गैर कानूनी कार्रवाई से भाजपा का असली चेहरा देश के सामने आ गया है। भाजपा गुंडागर्दी, लफंगई, हिंसा और दंगे करने वालों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। यह कहना है आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं विधायक आतिशी का। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस का पूरा इस्तेमाल करते हुए गुंडागर्दी और दंगा भडक़ाने का प्रयास करने के आरोपी तेजिंदर बग्गा को बचाने के लिए भाजपा ने कोई कसर नहीं छोड़ी। पंजाब पुलिस ने तेजिंदर बग्गा को पांच बार समन भेजा, लेकिन वो जांच में शामिल नहीं हुए।

पंजाब पुलिस जब दिल्ली पुलिस को सूचना देने जनकपुरी थाने गई, तो उनको गैर कानूनी रूप से बंधक बना लिया गया। भाजपा एक गुंडे, दंगाई और लफंगे को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, क्योंकि वो खुद गुंडों, दंगाइयों, हिंसा करने वालों की पार्टी है। वहीं, ‘आप’ के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बीजेपी का यह कहना कि यह द्वेष की राजनीति के कारण हो रहा है, बिल्कुल गलत है। भाजपा को इसलिए ऐसा लग रहा है, क्योंकि वो हमेशा से स्टेट मशीनरी का दुरुपयोग करती रही है। आतिशी ने  कहा कि पिछले कई दिनों से हम बार-बार यह मुद्दा देश की जनता के सामने रख रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी एक गुंडों, लफंगों की पार्टी है। भाजपा के नेता हिंसा करवाते हैं और तोडफ़ोड़ करते हैं।

भाजपा के नेता दंगई हैं और दंगे भडक़ाते हैं। यह बात न सिर्फ आम आदमी पार्टी कह रही है, बल्कि पूरे देश की जनता यह कह रही है कि वो भाजपा की इस गुंडागर्दी से परेशान है। ऐसे ही गुंडागर्दी, लफंगई, हिंसा और दंगे भडक़ाने वाले भाजपा नेताओं में से एक नेता तेजिंदर बग्गा भी हैं। गुंडागर्दी, दंगई, लफंगई की यह सारी वैल्यूज जो भाजपा की है, उनका साक्षात स्वरूप तेजिंदर बग्गा हैं। तेजिंदर बग्गा जी भाजपा के वही नेता हैं, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के परिसर में घुसकर एक वकील पर हमला किया था। तेजिंदर बग्गा जी ने रामलीला मैदान के अंदर चल रहे एक कार्यक्रम में हमला किया था। उन्होंने एक एक किताब की लांचिंग के दौरान किताब लिखने वाले पर हमला किया था।

अमित शाह के रोड शो के दौरान हुई हिंसा हुई थी और हिंसा करने की वजह से तेजिंदर बग्गा जी पर केस लगा हुआ है। तेजिंदर बग्गा जी के खिलाफ जनवरी 2014 में किसी के घर में जबरन घुसकर हमला करने पर आईपीसी की धारा 452 का केस लगा हुआ है। तेजिंदर बग्गा पर दंगा भडक़ाने, धार्मिक विद्वेष फैलाने, धर्म-जाति और समुदाय के नाम पर महौल खराब करने का आईपीसी सेक्शन 153 के तहत केस दर्ज है।

उन पर पटियाला हाउस कोर्ट में 153 में केस लगा हुआ है कि दंगा कराने की नीयत से भडक़ाउ भाषण देने का उन्हें दोषी करार दिया गया है। इस तरह इन पर लगे आरोपों की लिस्ट काफी लंबी है। आतिशी ने कहा कि तेजिंदर बग्गा जी पर पंजाब पुलिस ने एक केस दर्ज किया है।

क्योंकि उन्होंने पंजाब का माहौल बिगाडऩे की कोशिश की। तेजिंदर बग्गा ने पंजाब में सांप्रदायिक हिंसा भडक़ाने की कोशिश की। इस वजह से पंजाब की पुलिस ने उन पर केस दर्ज किया है। जो कानून की प्रक्रिया है, उसी प्रक्रिया के तहत तेजिंदर बग्गा जी को पांच बार समन भेजा गया कि वो जांच में शामिल हों, लेकिन तेजिंदर बग्गा जी जांच में शामिल नहीं हुए। चूंकि वो जांच में शामिल नहीं हुए।

इसलिए पंजाब पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए तेजिंदर बग्गा जी के नाम पर एक अरेस्ट वारेंट जारी किया और पंजाब पुलिस तेजिंदर बग्गा जी को गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली आई। पूरी कानूनी प्रक्रिया के अनुसार पंजाब पुलिस ने दिल्ली पुलिस को सूचित भी किया। लेकिन दिल्ली पुलिस तो भाजपा के अधीन आती है। वही भाजपा जो गुंडों को सम्मानित करती है, हिंसकों को माला पहनाती है, दंगाइयों को टिकट देती है।

दिल्ली पुलिस का पूरा इस्तेमाल करते हुए तेजिंदर बग्गा जी की गुंडागर्दी और दंगा भडक़ाने का जो उनका पूरा प्रयास था, उससे उन्हें बचाने के लिए भाजपा ने कोई कसर नहीं छोड़ी। जब पंजाब पुलिस, दिल्ली पुलिस को सूचित करने के लिए जनकपुरी थाने में गई, तो उनको गैर कानूनी रूप से बंधक बना लिया गया। पंजाब पुलिस पूरी प्रक्रिया का पालन करके दिल्ली पुलिस को सूचना देने जाती है और भाजपा व अमित शाह जी की दिल्ली पुलिस एक गुंडे को बचाने के लिए गैर कानूनी तरीके से पंजाब पुलिस को बंधक बना लेती है।