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‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा : कोरोना टीकाकरण की घोषणा का बेसब्री से इंतजार, भंडारण,परिवहन समस्या का समाधान

 ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा : कोरोना टीकाकरण की घोषणा का बेसब्री से इंतजार,  भंडारण,परिवहन समस्या का समाधान

नयी दिल्ली . देश में कोरोना वायरस (काेविड-19) के टीकाकरण की घोषणा का जहां बेसब्री से इंतजार किया रहा है वहीं इस टीके के भंडारण और परिवहन कर इसे सुरक्षित रखना सबसे प्रमुख कार्य है जिसका समाधान हो गया है।

लक्जेमबर्ग आधारित चिकित्सा उपकरण निर्माता ‘बी मेडिकल सिस्टम’ गुजरात के मुंद्रा में एक संयंत्र स्थापित करेगा जिसका उपयोग इन उपकरणों का निर्माण करने के लिए किया जाएगा जो बेहद न्यूनतम तापमान में वैक्सीन का भंडारण करने के लिए उपयोगी होगा।

कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लुक प्राेवोस्ट ने  बताया कि भारत सरकार ने उन्हें देश में अपना उत्पाद बनाने के लिए आमंत्रित किया और इस तरह ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा दिया गया। उन्होंने कहा कि फरवरी तक कम्पनी अपने उत्पादों को बनाने और एकत्रित करने के लिए समक्ष हो जाएगा। उन्होंने अपने उत्पाद की विशिष्टता के बारे में बताते हुए कहा कि उनका उत्पाद सभी तापमान के लिए मनासिब है। उनका ‘एकल उपकरण विभिन्न टीकों को सुरक्षित रख सकता है।” विशेष रूप से बी मेडिकल सिस्टम्स अनुसंधान और नैदानिक ​​बाजारों में चार दशकों के अनुभव के साथ मेडिकल-ग्रेड ठंडा करने और वैक्सीन कोल्ड चेन उपकरण में एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी है।

कंपनी अल्ट्रा-लो टेम्प्रचर (यूएलटी) फ्रीजर, रेफ्रिजरेटर, परिवहन उपकरण और रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम सहित प्रयोगशाला, ब्लड बैंक और फार्मेसी के लिए कई तरह के अभिनव समाधान पेश करती है। वर्तमान में निर्मित सभी टीकों को विभिन्न तापमानों पर रखा जाता है। फाइजर बायोएनटेक को 60 डिग्री से 80 डिग्री सेल्सियस, मॉडर्न पर 20, स्पुतनिक को 18 में जबकि एस्ट्रा जेनकेका- ऑक्सफोर्ड में दो से आठ डिग्री सेल्सियस में रखा जाता है।

कंपनी के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेसल दोशी ने बताया कि पिछले महीने के अंत तक उन्होंने यह नहीं सोचाा था की वे भारत आयेंगे। लेकिन भारत और लक्जेमबर्ग के बीच द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के दोरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लक्जेमबर्ग के प्रधानमंत्री जेवियर बेट्टेल से इस विषय पर चर्चा की। जिन्होंने बी मेडिकल सिस्टम कंपनी को सूचित किया जो वैक्सीन कोल्ड चेन बनाती है।

 दोशी ने कहा, “पीएम मोदी ने जल्दी से मौके को हाथ से जाने नहीं दिया और हमें भारत आमंत्रित किया।” वैक्सीन को बहुत ठंडे तापमान में स्टोर करने के लिए उनकी कंपनी द्वारा निर्मित डिवाइस (एक छोटा रेफ्रिजरेटेड बॉक्स) का अवलोकन देते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी वैक्सीन चाहे वह फाइजर हो या अन्य कोई भी उनमें आसानी से रखी जा सकती है।

उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा, “इस बॉक्स के अलावा न तो आपको किसी कोल्ड चेन की जरूरत है और न ही किसी अन्य उपकरण की।”

उन्होंने बताया कि रेफ्रिजरेटर बॉक्स जो 5000 टीके तक स्टोर कर सकता है, उसकी लागत सिर्फ 29,442 रुपये (यानी 400 अमेरिकी डालर) है। रेफ्रिजरेटर बॉक्स विभिन्न आकारों में आते हैं, जो आधा लीटर से शुरू होते हैं। इसके अलावा कंपनी एक महीने में 5000 बॉक्स का उत्पादन करने की संभावना है। कंपनी पहले चरण के दौरान भारत में 140 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है।