breaking news New

कोरोना नियंत्रण के लिए बनाया नया सूत्र 'स्वयं अनुशासन',व्यापारी संगठनों ने हर संभव सहयोग करने का दिया भरोसा

कोरोना नियंत्रण के लिए बनाया नया सूत्र 'स्वयं अनुशासन',व्यापारी संगठनों ने हर संभव सहयोग करने का दिया भरोसा

कवर्धा, 1 अप्रैल। जिले में कोरोना पर नियंत्रण करने के लिए प्रयास एक बार फिर तेज कर दिया गया है। इसी कड़ी में जिला प्रशासन द्वारा स्वयं अनुशासन नामक नए सूत्र का प्रयोग किया जाएगा। स्वयं अनुशासन की सफलता व सार्थकता के लिए आयोजित एक बैठक में व्यापारी संगठनों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है और कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। 

जिला प्रशासन द्वारा कोरोना नियंत्रण हेतु बुलाई गई बैठक में सबसे पहले 45 वर्ष आयु के सभी लोगों का एक अप्रैल से टीकाकरण शुरू करने पर चर्चा की गई। इसके साथ ही व्यापारी संगठनों के साथ कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र कुमार मंडल तथा प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। इस दौरान कलेक्टर रमेश कुमार ने कहा, कोरोना की रोकथाम के लिए वर्तमान में स्वयं अनुशासन का होना आवश्यक है। व्यापारी स्वयं जागरूक रहकर कोरोना गाइड लाइन का कड़ाई से पालन करें, क्योंकि यही व्यवहार स्वयं के साथ ही ग्राहकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा। सभी वर्ग के व्यापारी, दुकानदार, विक्रेता स्वयं मॉस्क लगाएं व अपने स्टाफ को भी अनिवार्य रूप से मॉस्क लगवाएं। इसके साथ-साथ बिना मॉस्क के किसी भी व्यक्ति का दुकान में प्रवेश न करना भी सुनिश्चित करें। दुकानों के बाहर सेनेटाइजर अथवा संभव हो तो हैंड वाश की व्यवस्था अनिवार्य करें। इससे कोरोना के संक्रमण को रोकने में काफी मदद मिलेगी।

बैठक में स्थानीय बाजार के प्रबंधन व शहरी क्षेत्र में होने वाली व्यवस्थाओं के विषय पर भी चर्चा की गई। चेम्बर ऑफ कॉमर्स के जिला अध्यक्ष आकाश आहूजा ने कहा, कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्थानीय बाजार के प्रबंधन व शहरी क्षेत्र में होने वाली व्यवस्थाओं के लिए आपसी समन्वय बनाकर कार्य किया जाएगा। व्यापारी संगठन द्वारा कोरोना नियंत्रण के लिए प्रचार-प्रसार करने का भी निर्णय लिया गया है, लेकिन इसके लिए आवश्यक आईईसी मटीरियल जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराने से काफी मदद मिल सकती है। व्यापारियों ने कोरोना पर नियंत्रण के लिए प्रशासन का हर संभव सहयोग करने की बात कही है। साथ ही जिला प्रशासन से आग्रह किया गया कि, शहर के विशेष भीड़ वाले स्थानों जैसे शराब दुकान, बैंक व जनपद ऑफिस आदि पर भी कोरोना गाइडलाइन का अनिवार्य रूप से पालन कराया जाए। 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शैलेंद्र कुमार मंडल ने बताया, कोरोना संक्रमण की गति फिर तेज हो गई है और ऐसे समय में प्रत्येक को जागरुकता के साथ सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। हालांकि, कोरोना टीकाकरण का कार्य जिले में लगातार किया जा रहा है। जिले में लोग टीकाकरण के लिए स्वयं आगे आ रहे हैं। एक अप्रैल से जिले में 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का भी कोरोना टीकाकरण शुरू किया जाएगा। कोविड का टीका सुरक्षित है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिले में अब तक हजारों लोगों ने कोरोना टीका लगवाया है, लेकिन किसी को भी प्रतिकूल प्रभाव की शिकायत सामने नहीं आई है। टीकाकरण के बाद हल्का हरारत, बुखार या हल्का दर्द, जो सामान्यतः किसी भी इंजेक्शन के लगने से होता है। इस तरह की समस्या कोरोना टीकाकरण के पश्चात कुछ-कुछ लोगों को हुई है। इसमें चिकित्सक की सलाह से पैरासिटामोल लेने से राहत मिल जाती है। टीकाकरण के लाभार्थी को भी मॉस्क लगाने, समय-समय पर हाथों को सेनेटाइज करने तथा कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु आवश्यक शरीरिक दूरी का पालन करने की लगातार समझाइश दी जा रही है।

...तो 10 दिन बंद रहेगा संस्थान

विशेष बैठक में कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने सभी व्यापारियों, दुकानदारों व सब्जी विक्रेताओं की प्रत्येक माह कोरोना जांच कराने पर भी जोर दिया, जिस पर सभी व्यापारियों की ओर से सहमति दी गई। व्यापारी संगठनों ने यह भी तय किया है कि, लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए किसी दुकान संचालक के कोरोना पॉजिटिव आने पर 10 दिन संस्थान को बंद रखा जाएगा, ताकि संक्रमण के फैलाव को रोकने में मदद मिल सके।