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गंगरेल बांध से छोड़े गए पानी की मात्रा में आंशिक बढ़ोतरी

गंगरेल बांध से छोड़े गए पानी की मात्रा में आंशिक बढ़ोतरी

राजकुमार मल

भाटापारा- गंगरेल बांध से छोड़े गए पानी की मात्रा में आंशिक बढ़ोतरी की जा रही है। अब प्रयास है आपूर्ति के दिन बढ़ाने की ताकि ज्यादा से ज्यादा निस्तारी तालाबों को भरा जा सके।


गंगरेल बांध के गेट खोले जाने के बाद सोमवार की सुबह से नहरों में पानी का इंतजार किया जाता रहा। दोपहर तक पानी नहीं पहुंचने की स्थिति में जब बांध प्रबंधन को सूचना दी गई, तब यह जानकारी मिली कि कम मात्रा में पानी छोड़ने की वजह से जल प्रवाह की गति धीमी है। लिहाजा भाटापारा शाखा नहर प्रबंधन के सुझाव पर पानी की मात्रा बढ़ाने की मंजूरी दे दी गई। अब देखना यह है कि बढ़ी मात्रा के बाद प्रवाह की गति बढ़ेगी या नहीं ?

अब इतना पानी रोज

पूर्व में लिए गए फैसले के मुताबिक भाटापारा विकासखंड को प्रतिदिन 125 क्यूसेक पानी का वितरण किया जाना था लेकिन बाधा यह आई कि यह मात्रा, प्रवाह की गति नहीं बढ़ा पाई। इसके अलावा इतनी अल्प मात्रा से तालाबों को भरने का लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सकता। इसलिए इसमें 40 क्यूसेक और बढ़ाने पर सहमति बनी।

अड़चन यह भी



भाटापारा शाखा नहर प्रबंधन का मानना है कि गंगरेल बांध से भाटापारा ब्लॉक की सीमा की दूरी लगभग 200 किलोमीटर के आसपास आती है। इसलिए भी पानी के पहुंचने में विलंब हो रहा है। कोशिश यह है कि जैसे मात्रा बढ़ाई जा रही है उसी तरह आपूर्ति के दिन भी बढ़ाए जाते तो निश्चित ही राहत मिलती क्योंकि संकट बढ़ता नजर आने लगा है।

तैयारी अब इसकी

बांध से जल की मंजूरी और स्वीकृत मात्रा को ध्यान में रखते हुए जिन गांव में संकट तेजी से फैलाव ले रहा है, उनके नामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रयास यह रहेगा कि प्रभावित क्षेत्र की जरूरत पहली खेप में पूरी की जा सके।

वाटर लेवल पर भी नजर

नहर प्रबंधन की नजर क्षेत्र के भूजल स्तर पर भी बनी हुई है। ताजा स्थिति चिंता में डाल रही है क्योंकि यह स्तर लगातार नीचे जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि तालाबों को भरे जाने के बाद भूजल स्तर में बढ़त हो सकती है। यह स्थिति संकट पर नियंत्रण रखने में मदद करेगी।

विलंब की वजह दूरी

बांध से ब्लॉक की दूरी ज्यादा होने की वजह से पानी पहुंचने में विलंब हो रहा है। राहत की बात यह है कि छोड़े जा रहे पानी की मात्रा बढ़ाने को मंजूरी दे दी गई है।

- के के खरे, एस डी ओ, भाटापारा शाखा नहर, तिल्दा