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सामाजिक परिवर्तन के लिए गृह मंत्री ने किया भक्ति आंदोलन पुनर्जीवित करने का आह्वान

 सामाजिक परिवर्तन के लिए गृह मंत्री ने किया भक्ति आंदोलन पुनर्जीवित करने का आह्वान

गुवाहाटी।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भक्ति आंदोलन को पुनर्जीवित करने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे अति आवश्यक सामाजिक परिवर्तन होगा जिससे युवा हथियार नहीं उठायेंगे।

शाह ने असम के कामरूप जिले के अमीनगांव में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, “ एक समय हुआ करता था जब अलगाववादी शासन किया करते थे। युवाओं को हथियार दिए गए थे। अब सभी समूह मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं और असम विकास इंजन का हिस्सा बन गया है। सबसे बड़ी सफलता बोडोलैंड संधि थी। मुझे गर्व है कि हाल ही में हुए बोडोलैंड चुनाव में, 80 प्रतिशत मतदान बिना किसी रक्तपात के हुआ।”

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि भक्ति आंदोलन ‘एक भगवान’ अभ्यास के लिए मध्यकालीन भारत (15 वीं शताब्दी) में हुआ था। उस समय पूर्वोत्तर भारत के एक महान सुधारक श्रीमंत शंकरदेव हुआ करते थे जिन्होंने ‘एक शरण नाम धर्म’ के साथ सभी को एकजुट करने का प्रयास किया था।

श्री शाह ने अप्रैल 2021 में राज्य में होने वाले चुनाव की चर्चा करते हुए कहा, “बोडोलैंड चुनाव ... केवल एक सेमीफाइनल था। अब फाइनल आगे है। असम चुनाव में हमारे पास पूर्ण बहुमत होगा। सोनोवाल-हिमंत संयोजन ने असम के लिए अद्भुत काम किया है।”

श्री शाह ने 16 वीं शताब्दी के असमिया सांस्कृतिक आइकन श्रीमंत शंकरदेव के योगदान को याद किया और लोगों से उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आग्रह किया।

कांग्रेस पर तंज कसते हुए श्री शाह ने कहा,“ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 18 साल तक असम के सांसद रहे, लेकिन असम को मिलने वाली आठ हज़ार रुपये की तेल रॉयल्टी की समस्या को हल नहीं कर सके ... हमने इसे हल कर लिया।”

 शाह ने तीन दिनों के असम दौरे पर हैं। वह अगले वर्ष होने वाले चुनाव को लेकर चुनाव अभियान का शुभारंभ करेंगे तथा चुनावी तैयारियों की भी समीक्षा करेंगे।