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आरोपों में घिरे आर एस साहू, मुख्य कार्यपालन अधिकारी लगे है दो वर्ष के कार्यकाल बढ़ाने

आरोपों में घिरे आर एस साहू, मुख्य कार्यपालन अधिकारी लगे है दो वर्ष के कार्यकाल बढ़ाने

सक्ती, 31 मई। सक्ती जनपद पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी मूल पद विकास विस्तार अधिकारी का 31 मई माह में रिटायरमेंट होना है लेकिन सूत्रों का यह भी कहना है कि उनका 2 वर्ष के लिए संविदा सेवा वृद्धि  हो सकता है इसके लिए कई सरपंचों ने बकायदा आर्थिक मदद भी की है वही यह भी चर्चा जोरों पर है की वर्तमान में जो अभी प्रभारी सीईओ है उनके संविदा सेवा वृद्धि के लिए भ्रष्टाचार में लिप्त सरपंच सचिव अपने काले कारनामों को छुपाने के लिए ऊंच नेताओं से संपर्क कर एड़ी चोटी एक कर रखी है अब संविदा सेवा वृद्धि होता है कि नहीं यह तो समय ही बताएगा लेकिन जानकारों की माने तो अपना उल्लू सीधा करवाने के लिए कई ठेकेदार सहित जो सरपंच सचिव इनके सांठ गांठ कर लाखों रुपए का भ्रष्टाचार किए हुए हैं इस काम के लिए जोर लगाए हुए हैं जब से शक्ति जनपद में आर एस साहू जो मुल पद कृषि विकास विस्तार अधिकारी के द्वारा प्रभारी सीईओ के रूप में कार्यभार संभाला है तब से जनपद पंचायत शक्ति काफी चर्चा में रहा है इनके कार्यकाल में कई ऐसे कार्य हुए हैं जिस पर कोई कार्यवाही नहीं होने के कारण लगातार नियम विरुद्ध कार्यों को अंजाम दिया गया जैसे पंचायत निर्वाचन 2019 के आचारसंहिता के दौरान पूर्वसरपंचो से सांठगांठ कर 14वे वित्त राशि का अनाधिकृत रूप से आहरण। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय का निर्माण कराया गया शौचालय निर्माण के समय आर एस साहू मुख्य कार्यपालन अधिकारी के द्वारा 14वें वित्त की राशि शौचालय निर्माण करवाया गया और जब शासन के द्वारा इस योजना के तहत बनाए गए संपूर्ण शौचालय की राशि सभी सरपंच सचिवों के खाते में प्रदान कर दी गई इसके बाद भी पूर्व सरपंच सचिवों से चौधरी मित्र की राशि का जो शौचालय के नाम से खर्चे किया गया था उसका समायोजन नहीं करवाया क्या और मोटी रकम लेकर अब तक उन सरपंच सचिवों से शौचालय की राशि का समायोजन नहीं करवाया गया

 लॉकडाउन के दौरान सभी पंचायतों को दबावपूर्वक चाम्पा के मेडिकल स्टोर से मास्क और सेनिटाइजर का मांग से कही अधिक सामग्री पूर्ति कर अपने लाभ के लिए 14वे वित्त योजना से भुगतान।


 जनपद पंचायत क्षेत्र के बहुत से ग्राम पंचायतों के गोठानो में पैरा ढुलाई के नाम पर अंधाधुन 14वे वित्त राशि का दुरुपयोग।  बिना निविदा व बिना प्रस्ताव के जनपद के सामने टीनशेड और ग्रिल निर्माण, अध्यक्ष कमरे का जीर्णोद्धार कार्य, मनरेगा कमरे का जीर्णोद्धार कार्य। मनरेगा सहित अन्य योजना के निर्माण कार्यो में कमीशनखोरी।  ग्राम पंचायत पोरथा में एक ही नाम के 2 निर्माण कार्य की शिकायत को पेंडिंग रखना।

 इतने जिम्मेदार पद पर रहते हुए शासकीय मकान आबंटित होने के बाद भी अपने गृह ग्राम कुरदा( चाम्पा) से प्रतिदिन आना जाना।

 जनपद पंचायत सक्ति के बहुत से महिला स्व सहायता समूहों को हजारो की संख्या में मास्क बनाने हेतु इनके द्वारा कहा गया समूहों की गरीब महिलाओं द्वारा उधार के पैसे से कपड़े लेकर हजारो मास्क बनाये गए लेकिन आज तक उनका भुगतान नहीं होना।

 इस प्रकार के और भी कई मामले हैं जिसके कारण ग्राम पंचायतों को शासन की योजनाओं को पूरा करने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा वही अभी कुछ दिनों से विभाग के कई कर्मचारी काफी दिनों से कार्यालय नहीं आ रहे हैं जिस पर कई प्रकार की चर्चाएं हो रही हैं कुछ लोगों का कहना है कि वह सारे कर्मचारी इन के रिटायरमेंट के बाद ही कार्यालय में हाजिरी देंगे।

पंचायत के कार्यों में ठेकेदारों  का  हस्तक्षेप  

करोना काल में ग्राम पंचायतों में मास्क सेनीटाइजर मजदूरों के लाने वाले वाहनों में इनके द्वारा खुलकर भ्रष्टाचार किया गया कई लाखों के बिलों में बिना टिन नंबर के ही राशि आहरण करवा दी गई है और मोटी रकम सरपंच सचिव से ली गई है ग्राम पंचायत है जहां सरपंच द्वारा एवं शपथ पत्र के साथ बताए गए थे सीओ  द्वारा चार लाख का डी एससी  करा लिया गया और मैं स्वयं आप लोगों को  सामान और वाहन का मजदूरों को लाने लाने का बिल दूंगा परंतु सीओ आर एस साहू द्वारा बिल तो दे दिया गया परंतु सामान नहीं दिया गया जिसकी हमारे द्वारा मांग करने पर हमें डराया धमकाया गया और स्वयं अन्य जगह का बिल थमा कर पैसा निकाल लिया गया वही अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इनके द्वारा चाहते ठेकेदार को लाखों रुपए का टीन शेड निर्माण करवा लिया गया ना ही किसी प्रकार का स्टीमेट बनाया गया और ना निर्माण संबंधित शासन से अनुमति ली गई और लाखों रुपए का भुगतान भी इनके द्वारा कर दीया गया इनके ऐसे  कारनामे अनेकों हैं अगर शासन प्रशासन इनके केवल 1 वर्ष के कार्यकाल की जांच करा दी जाए तो लाखों रुपए के अनियमितता की बात सामने आ सकती है।

अक्सर ग्राम पंचायत सभी कार्यों में एजेंसी रहती है लेकिन कुछ दिनों से शक्ति के जनपद पंचायत में ठेकेदारों ने कब्जा जमा लिया है प्रायः प्रायः  ग्राम पंचायतो के कार्य ठेकेदारी प्रथा से ही हो रही हैं इस मामले में कई बार मौखिक शिकायत हो चुकी हैं लेकिन इस संबंध में अधिकारी मौन रहना ही बेहतर समझते हैं यहां यह बताना भी लाजमी होगा इसकी एक बानगी एक नोटिस के माध्यम से देखी गई है जिसमें जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बकायदा एक चांपा के ठेकेदार को एक कार्य के लिए नोटिस भी जारी किया है जबकि एजेंसी ग्राम पंचायत है।

जनपद पंचायत शक्ति के सभी कर्मचारी दबी जुबान से एक दूसरे को यह पूछने लगे हैं की अगला मुख्य कार्यपालन अधिकारी कौन होगा या फिर कभी वर्तमान सीईओ अपनी संविदा सेवा वृद्धि बढ़ाने में सफल तो नहीं होंगे वहीं कुछ जानकार यह भी कहते हैं की वर्तमान में जो सीईओ हैं उनका मूल पद विकास विस्तार अधिकारी का है अगर इनका संविदा सेवा वृद्धि हो भी जाता है तो क्या इनको प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के साथ साथ वित्तीय अधिकार भी दिया जाएगा या फिर विकास विस्तार अधिकारी के  पद पर सेवा वृद्धि होगी इस प्रकार की चर्चा अभी जनपद कार्यालय में जोरो पर है।