कोविड-19, राहत फंड में चल रहा भाजपा-कांग्रेस

कोविड-19, राहत फंड में चल रहा भाजपा-कांग्रेस

संजय जैन

धमतरी, 13 अप्रैल। विश्व में कोरोना की दहशत से लाखों, करोड़ों लोग भयभीत हैं। अनेक देशों में मौत का सिलसिला निरंतर जारी है। लेकिन देश के प्रधानमंत्री और छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री के द्वारा किये जा रहे बचाव की अपील के चलते इस महामारी से अब तक कोरोना का उतना प्रभाव इस देश में नहीं हो पाया है। लेकिन इससे लडऩे के लिये शासन और प्रशासन निरंतर प्रयासरत हैं। इस महामारी से बचने का एक ही उपाय है, और वह है सोशल डिस्टेंस र्और लॉकडाउन का नियमित पालन। और यही कारण है कि अब तक स्थिति नियंत्रण में है। लेकिन यह कोरोना वायरस के लिये दिये जा रहे सहयोग में भी कोरोना वायरस, भाजपा-कांग्रेस में विभक्त हो गया है जिसका ताजा उदाहरण धमतरी जिले में देखने को मिल रहा है। 

कोरोना कोविड-19 के लगातार विभिन्न देशों में तहलका मचाने के बाद वह भारत में भी अपनी पकड़ बनाना शुरू किया जिसे लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता के नाम संबोधन देकर सभी को इस महामारी से सचेत करते हुए लॉकडाउन का अक्षरश: पालन करने और सोशल डिस्टेंस बनाने की बात कही थी। यह संदेश के चलते देश के विभिन्न राज्यों में इसका पालन हुआ। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी कोरोना वायरस को लेकर प्रदेशवासियों को समय समय पर सचेत करते हुए प्रदेशवासियों से कोरोना वायरस से बचाव के लिये किये जा रहे प्रयासों को सहयोग करने की अपील की। प्रदेश में कोई भूखा न रहे, जरूरतमंदों, मध्यम श्रेणी परिवारों को शासन के निर्देश पर जरूरत के सामान खासकर राशन सामग्री इत्यादि आबंटित की जा रही है जिससे अब तक प्रदेश में ऐसा कोई ईलाका नहीं जहां कोई व्यक्ति के भूखा होने की जानकारी मिली हो। कोरोना वायरस से लडऩे के लिये देश, प्रदेश के शीर्ष नेताओं द्वारा की गई अपील को मद्देनजर रखते हुए इसमें भरपूर सहयोग दिये जाने की बात कही थी। यही कारण है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ साथ धमतरी जिले में भी समाजसेवी संगठनों के साथ साथ अनेक व्यापारी संगठनों द्वारा अपने अपने स्तर पर राहत सामग्री स्वयं और प्रशासन के मदद से भी उन जरूरतमंदों को प्रदान की जा रही है जिन्हें आवश्यकता है।

देश में फैले इस महामारी को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसमें सभी वर्गों के साथ साथ प्रशासनिक अमला भी मुस्तैदी के साथ अपने अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रहा है। यही कारण है कि कोरोना वायरस की मजबूत पकड़ से छत्तीसगढ़ की स्थिति अभी नियंत्रित है। जितने भी ऐसे मरीजों का जांच की गई उसमें अधिकांश लोगों का रिजल्ट निगेटिव पाया गया जबकि ऐसे पॉजिटिव मरीज भी छत्तीसगढ़ में स्वस्थ होकर अपने घरों के लिये रवाना हो गये। इसी के साथ साथ पुलिस विभाग द्वारा लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी लगातार कार्यवाहियां की जा रही हैं। अब तो बिना मास्क के निकलना अपराध के श्रेणी में ला दिया गया है और धारा 144 शुरू से प्रभावशील है। इसका उल्लंघन करने वालों पर भी प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है। प्रशासन लगातार कोरोना वायरस से बचाव हेतु प्रयत्नशील है। पुलिस विभाग द्वारा पिछले दिनों एक व्यक्ति को कोरोना वायरस ग्रसित बताकर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ रूद्री थाना में अपराध दर्ज किया गया है। यह जिले का संभवत: पहला मामला है जहां अफवाह फैलाने वाले के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। अफवाह फैलाने को भी अपराधिक श्रेणी में ला दिया गया है जबकि व्हाट्सअप पर किसी भी प्रकार का कोरोना  संबंधी पोस्ट किये जाने को भी प्रतिबंधित किया गया है। लेकिन इसके बाद भी कुछ ग्रुप में कोरोना वायरस से संबंधित तरह तरह के छींटाकशी की जा रही है जिस पर पुलिस विभाग को ध्यान दिये जाने की जरूरत है।

जिले में कोरोना वायरस को लेकर समाजसेवी संगठनों के साथ साथ व्यापारी संगठनों ने भी सहयोगात्मक रूप अख्तियार कर जरूरतमंद लोगों को नि:शुल्क सब्जियां बांटना प्रारंभ कर दिया गया है। सबसे हास्यास्पद बात यह है कि कोरोना कोविड-19 से मध्यम एवं गरीब वर्ग के लोगों को सहयोग दिये जाने के प्रयास में ऐसे लोग जो राजनीतिक दल से जुड़े हैं, उनके द्वारा राशियां प्रधानमंत्री सहायता कोष, मुख्यमंत्री सहायता कोष में भेजी जा रही है। भाजपाई जहां प्रधानमंत्री सहायता कोष में चेक के माध्यम से राशियां प्रेषित करवा रहे हैं वहीं कांग्रेसीजन मुख्यमंत्री सहायता कोष में चेक के माध्यम से राशियां उक्त सहायता कोष में डलवा रहे हैं जिसे लेकर शहर में अब यह बात भी प्रचारित हो रही है कि कोरोना वायरस में भी भाजपा और कांग्रेस का रोल चल रहा है। भाजपाई जहां अपने प्रिय प्रधानमंत्री के लिये सहयोग राशि प्रेषित कर रहे हैं वहीं कांग्रेस के लोग मुख्यमंत्री सहायता कोष में राशि प्रेषित कर रहे हैं जिसकी शहर में सर्वत्र चर्चा है। उल्लेखनीय रहे कि 14 अप्रेल तक लॉकडाउन की घोषणा की गई है। इसके पश्चात क्या होगा, इसे लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा है कि केंद्र सरकार के परामर्श पश्चात ही अगली रणनीति अख्तियार की जायेगी। उधर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री द्वारा सचिवों को घर से कार्य निपटाने का निर्देश भी दिया गया है जबकि नागरिकों को जिले में अथवा दूसरे जिले में न तो आने-जाने की छूट है, न ही पोस्ट ऑफिस में कोई रजिस्ट्री, पार्सल इत्यादि भेजे जाने की व्यवस्था की गई है जिससे आम लोग किसी भी प्रकार की राहत राशि मनिऑर्डर के माध्यम से अथवा पार्सल भेजकर अपने रिश्तेदारों को मदद नहीं कर पा रहे हैं जिस पर ध्यान दिया जाना आवश्यक है।